सुंदरवन में हाईटेक पहरा, बाघों की एंट्री पर बजेगा अलार्म

एनिमल डिटेक्शन एंड रिपेलेंट सिस्टम लगाते हुए
वन विभाग के कर्मी एनिमल डिटेक्शन एंड रिपेलेंट सिस्टम लगाते हुए
Published on

राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता

दक्षिण 24 परगना: जंगल से बाघ के मानव बस्तियों में प्रवेश को रोकने और उन्हें लोगों के नजदीक आने से बचाने के लिए सुंदरवन में सौर ऊर्जा संचालित आधुनिक यंत्र स्थापित किया गया है। इस यंत्र में सेंसर लगे हैं। इसके सामने या पास आते ही बाघ के संकेत मिलने पर जोरदार अलार्म बजने लगेगा और रोशनी जल उठेगी। अलार्म और रोशनी देखकर बाघ डरकर पीछे हटेगा और वापस गहरे जंगल में चला जाएगा। वन् विभाग की अधिकारी निशा गोस्वामी ने यह जानकारी दी। उन्होंने आगे कहा कि यह प्रयोगात्मक तौर पर किया जा रहा है। अलार्म और रोशनी से बाघ या अन्य वन्यजीवों को कोई नुकसान नहीं होगा। फिलहाल रायदीघी रेंज के जंगलों में कुछ महत्वपूर्ण स्थानों पर यह यंत्र लगाया गया है। मानव और बाघ के संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग समय-समय पर कई प्रयास कर चुका है। पहले बाघ को जंगल में रोकने के लिए नायलॉन के जाल लगाए गए थे। इसके बाद विशेष रोशनी के माध्यम से बाघ को दूर रखने की कोशिश भी की गई, लेकिन इसके बावजूद हमेशा रॉयल बंगाल टाइगर को गाँव में प्रवेश करने से रोक पाना संभव नहीं हो पाया। इस बार एक नया कदम उठाया गया है।

सुंदरवन में लगा एनिमल डिटेक्शन एंड रिपेलेंट सिस्टम

इस यंत्र का नाम एनिमल डिटेक्शन एंड रिपेलेंट सिस्टम है। यह यंत्र किसी भी वन्यजीव के प्रवेश से पहले ही चेतावनी देगा। यंत्र अपने स्थान से लगभग 30 मीटर की दूरी तक किसी भी जीव के आने पर अलार्म बजाना शुरू कर देगा। इस यंत्र को डब्ल्यूटीआई (WTI) के सहयोग और दक्षिण 24 परगना वन विभाग के समर्थन से हेरोवांगा के 9 नंबर कंपार्टमेंट के चयनित स्थानों पर लगाया गया है। कुलतली ब्लॉक में कई ऐसे जंगल हैं जो गाँव के नजदीक हैं। सर्दियों में इन जंगलों में बाघ के प्रवेश की घटनाएँ अक्सर होती हैं। इसलिए बाघों के अधिक निकलने वाले और बस्तियों के पास वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर यंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत अभयारण्य में भी इस तरह का एनिमल डिटेक्शन एंड रिपेलेंट सिस्टम पहले से लगाया गया है।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in