

कोलकाता : नगरपालिका में अवैध नियुक्ति के आरोपों से जुड़े मामले में अदालत ने गुरुवार को पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता सुजीत बोस को 14 दिनों की जेल हिरासत में भेज दिया। कोलकाता के सिटी सेशंस कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सुदीप्त कुमार डे की अदालत में गुरुवार को मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान सुजीत बोस को अदालत में पेश किया गया। ईडी की ओर से वकील धीरज त्रिवेदी ने लंबी दलील देते हुए कहा कि मामले में अवैध वित्तीय लेनदेन हुए हैं और आरोपित जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। पूछताछ के दौरान वह आय के स्रोत, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन तथा अपने और परिवार के नाम पर मौजूद बड़ी संपत्तियों से जुड़े सवालों से बच रहे हैं। ईडी ने यह भी दावा किया कि जमानत मिलने पर वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, दमदम नगरपालिका में 150 लोगों की अवैध नियुक्ति मामले में सुजीत बोस की सीधी संलिप्तता के सबूत मिले हैं। वहीं, सुजीत बोस की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने अदालत में जमानत की मांग करते हुए कहा कि सीबीआई इस मामले में चुप है, फिर ईडी इतनी सक्रिय क्यों है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित हो सकती है। इस पर ईडी के वकील धीरज त्रिवेदी ने जवाब देते हुए कहा कि जांच के दौरान एजेंसी को ऐसे महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं, जिन्होंने मामले की दिशा बदल दी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त को 14 जून तक जेल हिरासत में भेज दिया।