त्योहारों के बीच फिर महंगी हुई चीनी, 65 रुपये किलो पहुंचा भाव

एक साल में 15 रुपये किलो बढ़े चीनी के भाव
Kolkata
महंगी हुई चीनीSteve Outram
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कोलकाता : महानगर में चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। त्योहारों के मौसम में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के बीच चीनी के दाम भी तेजी से चढ़ रहे हैं।

पिछले एक महीने में खुदरा और थोक बाजार में चीनी की कीमत प्रति किलो चार रुपये से अधिक बढ़ चुकी है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 3 नवंबर को कोलकाता में चीनी का खुदरा भाव 65 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। पिछले साल इसी अवधि में कीमत करीब 50 रुपये प्रति किलो थी।

महानगरों में कोलकाता सबसे महंगा

चीनी की कीमतों के मामले में कोलकाता ने अन्य महानगरों को पीछे छोड़ दिया है। 3 नवंबर को दिल्ली में चीनी का भाव 64 रुपये और मुंबई में 61 रुपये प्रति किलो रहा। देशभर में चीनी की औसत खुदरा कीमत 59.50 रुपये प्रति किलो और थोक कीमत 55.40 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई। एक साल में खुदरा और थोक कीमतों में करीब 12 से 13 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।

उत्पादन में कमी से बाजार पर दबाव

चीनी की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह 2025-26 के दौरान अनुमान से कम उत्पादन है। इसके अलावा गन्ने की फसल को मौसम से हुए नुकसान, त्योहारों के दौरान बढ़ी मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति घटने का भी असर पड़ा है। जमाखोरी और बाजार में सट्टेबाजी को भी कीमतों में उछाल की वजह माना जा रहा है।

कीमतों पर लगाम लगाने की सरकारी कोशिश

चीनी की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने स्टॉक सीमा, आयात और बाजार की निगरानी जैसे कदम उठाए हैं। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने 31 अक्टूबर 2026 तक 10 लाख टन चीनी के आयात की अनुमति दी थी।

इस बीच विपक्ष ने गन्ने का इस्तेमाल इथेनॉल उत्पादन में बढ़ने को चीनी की कमी की वजह बताया है। किसान संगठनों ने भी त्योहारों से पहले बड़े व्यापारियों पर कृत्रिम रूप से कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया है। सरकार का कहना है कि बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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