

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : एसपीके जैन फ्यूचरिस्टिक एकेडमी में रक्षाबंधन का त्योहार साहस और त्याग के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर बन गया। स्कूल के छात्रों ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के परिसर में जाकर एनडीआरएफ के जवानों को अपने हाथों से बनाई राखियां बांधी। छात्रों ने उन जवानों का सम्मान किया जो अक्सर अपने परिवारों से दूर रहकर दूसरों की रक्षा में जुटे रहते हैं।
इस कार्यक्रम में एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट श्री संतोष ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। रक्षाबंधन के पारंपरिक अर्थ से परे जाकर बच्चों ने जवानों से बातचीत की और उनकी हिम्मत, जिम्मेदारी और त्याग के बारे में समझा। यह पहल छात्रों को किताबों से आगे बढ़ाकर एक संवेदनशील, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाने की सोच को दर्शाती है।
एसपीके जैन फ्यूचरिस्टिक एकेडमी की प्रिंसिपल डॉ. जयीता गांगुली ने कहा कि रक्षाबंधन ने छात्रों को सिखाया कि सुरक्षा का दायरा केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन लोगों को भी सम्मानित करने का मौका है जो हम सबकी रक्षा करते हैं।
एकेडमी के सचिव श्री जयदीप पटवा ने इसे गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह आयोजन इस बात का अहसास था कि धन्यवाद की भावना किसी सीमा में नहीं बंधती। एनडीआरएफ परिसर में हुआ यह आयोजन साहस, कर्तव्य और समर्पण के प्रति एक सच्चे सम्मान का संदेश बन गया।