

कोलकाता : राज्य की शहरी विकास एवं नगर प्रशासन मंत्री अग्निमित्रा पॉल के हस्तक्षेप के बाद पार्क स्ट्रीट के दो प्रमुख स्थानों पर फुटपाथों पर कब्जा जमाए बैठे विक्रेताओं ने अपनी दुकानें हटा लीं।
लंबे समय से अतिक्रमण के कारण पैदल यात्रियों को हो रही परेशानी और यातायात बाधित होने की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए आगे भी नियमित अभियान जारी रहेगा।
दो प्रमुख स्थानों से हटाया गया अतिक्रमण
जानकारी के अनुसार, मंत्री के औचक निरीक्षण के दौरान पार्क स्ट्रीट पोस्ट ऑफिस और माध्यमिक शिक्षा परिषद (वेस्ट बंगाल बोर्ड) कार्यालय के सामने फुटपाथों पर अवैध रूप से लगी दुकानों और अतिक्रमण को चिन्हित किया गया था।
इसके बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निर्देश मिलते ही विक्रेताओं ने दोनों स्थानों से अपनी दुकानें हटा लीं और फुटपाथ का बड़ा हिस्सा पैदल यात्रियों के लिए खाली कर दिया गया।
पैदल यात्रियों को राहत, निगरानी रहेगी जारी
अतिक्रमण हटने के बाद पार्क स्ट्रीट के इन हिस्सों में पैदल आवाजाही पहले की तुलना में आसान हो गई है। स्थानीय लोगों और राहगीरों का कहना है कि फुटपाथ खाली होने से आवागमन सुगम हुआ है और सड़क पर भीड़भाड़ कम हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी जारी रहेगी।
शहरभर में अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज
अधिकारियों के अनुसार, पार्क स्ट्रीट की कार्रवाई शहर में सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।
सरकार का उद्देश्य प्रमुख बाजारों, व्यावसायिक क्षेत्रों और फुटपाथों को व्यवस्थित करना, पैदल यात्रियों की सुविधा बढ़ाना तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना है। आने वाले दिनों में अन्य व्यस्त इलाकों में भी इसी तरह के निरीक्षण और कार्रवाई किए जाने की संभावना है।