

कोलकाता: भवानीपुर में मतदान के दिन इस बार राजनीति ने असामान्य मोड़ ले लिया। आमतौर पर शीर्ष नेता मतदान के दिन सीमित भूमिका में रहते हैं, लेकिन इस बार ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी दोनों ही सड़कों पर उतर आए। इससे पूरे इलाके में ‘स्ट्रीट पॉलिटिक्स’ का अनोखा दृश्य देखने को मिला।
बुधवार को सुबह होते ही ममता बनर्जी चेतला और भवानीपुर के विभिन्न हिस्सों में पहुंचीं, फिरहाद हकीम और अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने केंद्रीय बलों और चुनावी निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बाहरी हस्तक्षेप से मतदाताओं में डर का माहौल बन रहा है।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम लोगों से भी निर्भय होकर मतदान करने की अपील की और इसे लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा से जोड़ा। दूसरी ओर, शुभेंदु अधिकारी ने भी दिन की शुरुआत पूजा-अर्चना से की और फिर मतदान केंद्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सत्तारूढ़ दल पर प्रभाव के दुरुपयोग का आरोप लगाया और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित कराने के लिए अपनी पार्टी की सतर्कता पर जोर दिया।
दोनों नेताओं की समानांतर सक्रियता ने भवानीपुर को राजनीतिक टकराव के केंद्र में खड़ा कर दिया। जहां एक ओर सत्ता पक्ष अपने जनाधार को मजबूत करने में जुटा दिखा, वहीं विपक्ष भी हर गतिविधि पर नजर रखते हुए जवाबी रणनीति बनाता नजर आया।
विशेषज्ञ इसे केवल चुनावी गतिविधि नहीं, बल्कि ‘स्ट्रीट पॉलिटिक्स’ का उफान के साथ-साथ ‘प्रेस्टिज बैटल’ भी मान रहे हैं। भवानीपुर में इस तरह का सीधा शक्ति प्रदर्शन बंगाल की राजनीति में एक दुर्लभ और निर्णायक संकेत माना जा रहा है।