कश्मीर के तर्ज पर अब बंगाल में भी रुकेगा पथराव : मुख्यमंत्री

पार्क सर्कस हिंसा पर पुलिस मंत्री की दो टूक, 'यह पहला और आखिरी हमला, अब अराजकता पर जीरो टॉलरेंस'
सोमवार को घायल केन्द्रीय बलों  से मुलाकात करते सीएम मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
सोमवार को घायल केन्द्रीय बलों से मुलाकात करते सीएम मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
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कोलकाता : ‘श्रीनगर और कश्मीर में पुलिस पर पत्थरबाजी बंद हो चुकी है, अब पश्चिम बंगाल और कोलकाता में भी इसे हर हाल में बंद होना होगा। मेरी सरकार के कार्यकाल में पुलिस पर यह पहला और आखिरी हमला है। इसके बाद अगर किसी ने भी कानून के रक्षकों पर हाथ उठाया, तो गृह मंत्री के तौर पर कानून के दायरे में जहां तक जाना पड़ेगा, मैं जाऊंगा।’ यह कड़ी चेतावनी मुख्यमंत्री और पुलिस मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को पार्क सर्कस स्थित डीसी एसईडी ऑफिस का दौरा करने के बाद दी। उन्होंने कहा कि रविवार को पार्क सर्कस में घटी पथराव की घटना प्लानिंग के तहत की गयी थी। अभी तक मामले में 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सीएम ने कहा कि आंदोलन और प्रदर्शन के नाम पर पुलिस पर हमला अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी सरकार के कार्यकाल में पुलिस पर यह पहला और आखिरी हमला है। इसके बाद अगर किसी ने भी पुलिसकर्मी पर हाथ उठाया, तो पुलिस मंत्री के रूप में कानून के तहत जितनी सख्त कार्रवाई संभव होगी, वह करेंगे।

घायल जवानों से मिले मुख्यमंत्री

सोमवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सीधे पार्क सर्कस स्थित डीसी एसईडी कार्यालय पहुंचे और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। हिंसा में घायल हुए पुलिसकर्मियों और सीआरपीएफ के जवानों का हालचाल जानने के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘कोई भी राजनीतिक या धार्मिक संगठन पुलिस को पूर्व सूचना देकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना कार्यक्रम कर सकता है लेकिन भीड़ जुटाकर धार्मिक नारे लगाना, माहौल बिगाड़ना और पत्थरबाजी करना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा। हमारी सरकार में समाजविरोधी और देशविरोधी गतिविधियों के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति रहेगी।’

'अब पुलिस के हाथ-पैर बंधे नहीं हैं'

पूर्ववर्ती सरकार पर तीखा कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा, ‘अगर कोई यह सोच रहा है कि यह पुरानी सरकार है जहां पुलिस बल के हाथ-पैर बांधकर रख दिए जाते थे, तो वह बड़ी भूल कर रहा है। अब पुलिस स्वतंत्र है। मैं पुलिस के दोस्तों से कहूंगा कि आपके प्रशिक्षण में जो सिखाया गया है और भारतीय न्याय संहिता आपको जो अधिकार देती है, उसके तहत पूरी तरह निर्भय होकर काम करें। आपके मुख्यमंत्री और गृह मंत्री हर कदम पर आपके साथ खड़े हैं।’ इस दौरान सीएम ने कहा कि पुलिस पर हमला करने वालों को सिर्फ गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें सख्त सजा दिलाने तक सरकार केस की क्लोज मॉनिटरिंग करेगी। पुलिस को निर्देश है कि कार्रवाई करते समय पांच बार सोचने की जरूरत नहीं है। सामने कोई भी हो, चाहे सत्तापक्ष का हो या विपक्ष का, किसी का धर्म या समुदाय देखे बिना कानून के मुताबिक कड़ा एक्शन लिया जाए।

शिकायत है तो लिखित में दें, पत्थर न उठाएं

मुख्यमंत्री ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें पुलिस से कोई शिकायत है, तो वे कानून का सहारा लें। उन्होंने कहा, "अगर किसी पुलिसकर्मी से शिकायत है, तो ओसी या आईसी को बताएं। उनके खिलाफ शिकायत है तो डीसी से मिलें। अगर डीसी से भी दिक्कत है, तो लालबाजार (मुख्यालय) जाएं या ईमेल करें। सीपी (कमिश्नर) के खिलाफ शिकायत होने पर नवान्न (सचिवालय) में पत्र भेजें, हम कार्रवाई करेंगे। लेकिन हाथ में पत्थर उठाना और धार्मिक नारे लगाकर दंगा करना पश्चिम बंगाल में अब नहीं चलेगा।

6 महीने में होगा कोलकाता पुलिस का कायाकल्प

सीएम ने कहा कि आगामी 6 महीने के अंदर कोलकाता पुलिस को और अत्याधुनिक और बेहतर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गहृ मंत्री से अपील कर वह 40 कंपनी केन्द्रीय बलों को दूसरी व्यवस्था होने तक कोलकाता में रखने की अपील करेंगे ताकि उपद्रवी यहां पर उत्पात न मचा सकें।

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