'दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ संभालेगा महिलाओं की सुरक्षा की कमान

राज्य के हर थाने में होगा नारी सहायता डेस्क, 20 हजार पदों पर होगी नियुक्ति
फाइल फोटो
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इमरजेंसी के लिए प्रत्येक थाना को मिलेगा वाहन

'Dial 112' से मिलेगी 24 घंटे सुरक्षा

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : राज्य की भाजपा सरकार ने अपने पहले पूर्ण बजट में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, महिला सुरक्षा को नई मजबूती देने और पुलिस तंत्र के आधुनिकीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री डॉ. स्वपन दासगुप्ता ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए पुलिस भर्ती, महिला सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े कई बड़े फैसलों का ऐलान किया। इस दौरान महिलाओं की सुरक्षा के लिए दुर्गा सुरक्षा स्कवाड की भी घोषणा की गयी।

पुलिस विभाग में 20 हजार नई नियुक्तियां

राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में एक लाख रिक्त पद भरने की घोषणा की है। इनमें पुलिस विभाग को विशेष प्राथमिकता देते हुए 20 हजार नए पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स (ईएफआर) में एक हजार जवानों की नियुक्ति होगी। सरकार ने सभी नई भर्तियों में 33 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित करने का निर्णय लिया है। वहीं, जहां लागू होगा वहां 10 प्रतिशत पद अग्निवीरों के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया में अधिक उम्मीदवारों को अवसर देने के लिए सरकारी नौकरियों में ऊपरी आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट अगले दो वर्षों तक जारी रहेगी।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष पहल

महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ के गठन की घोषणा की है। यह विशेष महिला पुलिस इकाई भीड़भाड़ वाले इलाकों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित गश्त कर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक उप-मंडल में कम से कम एक महिला पुलिस थाना स्थापित किया जाएगा। सभी थानों में ‘नारी सहायता डेस्क’ शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है, ताकि महिलाओं से जुड़े मामलों का त्वरित और संवेदनशील तरीके से निपटारा हो सके। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए राज्य रिजर्व पुलिस बल के अंतर्गत दो नई सर्व-महिला बटालियनों का गठन किया जाएगा। इनका नाम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगनाओं के सम्मान में ‘मातंगिनी हाजरा बटालियन’ और ‘रानी शिरोमणि बटालियन’ रखा जाएगा।

हर थाने को मिलेगा आपातकालीन वाहन

पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य के प्रत्येक थाने को एक समर्पित आपातकालीन वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। इस परियोजना के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पूरे राज्य में एकीकृत ‘डायल-112’ आपातकालीन हेल्पलाइन प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे नागरिकों को चौबीसों घंटे त्वरित सहायता उपलब्ध हो सकेगी।

कांथी बनेगा नया पुलिस जिला

प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कांथी को नया पुलिस जिला घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

अवैध खनन को रोकेगा विशेष विंग

अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस, परिवहन, वाणिज्यिक कर और भूमि राजस्व विभागों के समन्वय से एक विशेष प्रवर्तन विंग का गठन किया जाएगा। खनिज और परिवहन गतिविधियों की निगरानी के लिए व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) तथा ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा अवैध खनन पर नजर रखने के लिए ड्रोन से निगरानी की जाएगी।

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