प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य द्वारा दिए जाने वाले ऋण एवं अग्रिमों पर ब्याज दर 7.22 प्रतिशत प्रति वर्ष निर्धारित कर दी है। इस संबंध में मंगलवार को वित्त विभाग (बजट) की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। आदेश के अनुसार यह दर सार्वजनिक क्षेत्र के औद्योगिक व वाणिज्यिक उपक्रमों, सहकारी संस्थाओं, स्थानीय निकायों—नगर निगम, नगरपालिका, जिला परिषद, पंचायत समितियों—तथा अन्य अनुमोदित श्रेणियों पर लागू होगी।
अधिसूचना में कहा गया है कि ऋण की मूल राशि की वसूली आमतौर पर समान वार्षिक किस्तों में होगी, जिसकी शुरुआत ऋण आहरण की पहली वर्षगांठ से होगी। नवान्न सूत्रों के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में ऋण अवधि 10 वर्ष से अधिक नहीं होगी, जबकि कार्यशील पूंजी ऋणों की अवधि 2 से 3 वर्ष, अधिकतम 5 वर्ष रखी जाएगी। ब्याज भुगतान वार्षिक आधार पर किया जाएगा और ब्याज भुगतान पर सामान्यतः कोई स्थगन (मोराटोरियम) नहीं दिया जाएगा।
नवान्न सूत्रों से मिली जानकारी से निर्धारित शर्तों के अनुसार, किस्त या ब्याज के भुगतान में चूक होने पर सामान्य ब्याज दर से 2.5 प्रतिशत अधिक दंडात्मक ब्याज लगाया जाएगा। वित्त विभाग ने संबंधित विभागों को समय पर मूलधन और ब्याज की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।