

कोलकाता : कोलकाता में सप्तमी की शाम शनिवार को चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। तेज बारिश के बीच पंडाल में प्रवेश करने के लिए दर्शकों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, 35 लोग घायल हो गए।
घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 17 लोगों की मौत हो गयी। अस्मुपताल पहुँचे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पत्रकरों से बातचीत करते हुए ये जानकारी दी।
बारिश के बीच बढ़ी भीड़, मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम को तेज बारिश से बचने के लिए बाहर कतार में खड़े लोग पंडाल के भीतर जाने लगे। इसी दौरान अंदर मौजूद लोगों और प्रवेश करने की कोशिश कर रहे दर्शकों के बीच धक्का-मुक्की हुई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पंडाल के भीतर बने गोलाकार एलिवेटेड कॉरिडोर में भीड़ का दबाव बढ़ने से कई लोग गिर पड़े। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना में घायल करीब 35 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी कोलकाता मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों के उपचार की स्थिति का जायजा लिया। कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद भी अस्पताल पहुंचे।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ घायलों को एसएसकेएम अस्पताल स्थानांतरित किया गया। प्रशासन ने लोगों से जानकारी के लिए 18003455678 टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया।
आयोजकों से जवाब-तलब, पंडाल में प्रवेश बंद
चोरबागान सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति के आयोजकों ने कहा कि घटना कैसे हुई, यह स्पष्ट नहीं है और फिलहाल घायलों को अस्पताल पहुंचाना प्राथमिकता है। हादसे के बाद पंडाल की रोशनी बंद कर दी गई और दर्शकों का प्रवेश रोक दिया गया।
इस पूजा की थीम ‘अराब’ यानी ‘बियॉन्ड साउंड’ है। समिति के अध्यक्ष भाजपा विधायक विजय ओझा हैं। प्रशासन घटना के कारणों की जांच कर रहा है।