

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : चिल्ड्रेनस मेंटल हेल्थ वीक के अवसर पर एसपीके जैन फ्यूचरिस्टिक अकादमी ने अर्ली चाइल्डहुड एसोसिएशन (ईसीए) के सहयोग से “प्ले, अटैचमेंट एंड इमोशनल ग्रोथ” विषय पर एक जागरूकता सत्र आयोजित किया। इस सत्र में विद्यालयी दृष्टिकोण से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
सत्र में इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई कि खेल आधारित शिक्षा, सिक्योर अटैचमेंट और भावनात्मक विकास बच्चों के समग्र कल्याण और सीखने के परिणामों को किस प्रकार प्रभावित करते हैं। साथ ही, बच्चों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को विद्यालय की दैनिक गतिविधियों और दिनचर्या में शामिल करने के व्यावहारिक तरीकों पर भी प्रकाश डाला गया। चर्चा के दौरान यह रेखांकित किया गया कि भावनात्मक कल्याण को केवल समय-समय पर किए जाने वाले हस्तक्षेप तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे कक्षा में होने वाली दैनिक बातचीत, शिक्षण पद्धतियों और पारिवारिक वातावरण में भी जागरूक रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस कार्यक्रम में भावनात्मक रूप से सुरक्षित, सहयोगी और संवेदनशील शिक्षण वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में विशेष रूप से शिक्षकों और अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया और यह बताया गया कि बच्चों की भावनात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विद्यालय और परिवार के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है, जिससे एक सशक्त और संतुलित कल्याणकारी वातावरण का निर्माण किया जा सके।
कार्यक्रम को डॉ. सुमन सूद, डायरेक्टर एवं प्रिंसिपल, बी.डी. मेमोरियल जूनियर; एडवाइजर, आई वी डब्ल्यू एस एवं बी.डी.एम.आई.; तथा नेशनल कोर कमिटी मेंबर, ईसीए, की गरिमामयी उपस्थिति ने और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया। उनकी उपस्थिति ने शिक्षा क्षेत्र में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के लिए संस्थागत सहयोग, जागरूकता और अभिभावक-शिक्षक सहभागिता के महत्व को रेखांकित किया।
इस अवसर पर एसपीके जैन फ्यूचरिस्टिक अकादमी की प्रिंसिपल, डॉ. जयिता गांगुली ने कहा, “एसपीके जैन फ्यूचरिस्टिक अकादमी में हम मानते हैं कि भावनात्मक कल्याण बच्चे के समग्र विकास और शिक्षण यात्रा का अभिन्न हिस्सा है। इस प्रकार के जागरूकता सत्रों के माध्यम से हमारा उद्देश्य शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों की भावनात्मक आवश्यकताओं की गहरी समझ प्रदान करना है, ताकि हम मिलकर एक संतुलित, सहानुभूतिपूर्ण और भावनात्मक रूप से सशक्त विद्यालयी वातावरण का निर्माण कर सकें।”
इस पहल के माध्यम से एसपीके जैन फ्यूचरिस्टिक अकादमी और अर्ली चाइल्डहुड एसोसिएशन ने बच्चों के मानसिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए जागरूक, संवेदनशील और भावनात्मक रूप से समावेशी शैक्षणिक पद्धतियों को प्रोत्साहित करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया।