विश्व शांति के उद्देश्य से “विश्व शांति हेतु मेडिटेशन” विषय पर विशेष कार्यक्रम

विश्व शांति के उद्देश्य से “विश्व शांति हेतु मेडिटेशन” विषय पर विशेष कार्यक्रम
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : विश्व शांति के उद्देश्य से “विश्व शांति हेतु मेडिटेशन” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन इंडियन म्यूज़ियम, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ब्रह्माकुमारीज़, कोलकाता म्यूज़ियम के सहयोग से किया गया। इस कार्यक्रम में 250 से अधिक लोगों ने भाग लिया और मेडिटेशन के माध्यम से आंतरिक शांति का अनुभव किया।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी सुप्रिया, राजयोग विशेषज्ञ, माउंट आबू ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व शांति की शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति के मन की शांति से होती है। उन्होंने बताया कि आज के व्यस्त जीवन में बाहरी उपलब्धियों के साथ-साथ आंतरिक स्थिरता और आत्म-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से व्यक्ति अपने विचारों को सकारात्मक, शक्तिशाली और शुद्ध बना सकता है, जिससे जीवन में संतुलन और शांति स्थापित होती है। उन्होंने उपस्थित सभी को मेडिटेशन का अभ्यास भी कराया।

इंडियन म्यूज़ियम के निदेशक सायन भट्टाचार्य ने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह संस्थान केवल ऐतिहासिक धरोहर का केंद्र ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को प्रोत्साहित करने का भी एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस प्रकार के कार्यक्रमों को समाज में सकारात्मकता और जागरूकता फैलाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

ब्रह्माकुमारीज, कोलकाता म्यूज़ियम की उप-क्षेत्र प्रभारी एवं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी मुन्नी ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि जब मन शुद्ध और स्थिर होता है, तभी सच्ची शांति का अनुभव संभव है। उन्होंने सभी को नियमित रूप से राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करने और परमात्मा से जुड़कर जीवन में स्थायी शांति और शक्ति प्राप्त करने की प्रेरणा दी।

पश्चिम बंगाल के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं वर्तमान राज्य सूचना आयुक्त श्री वीरेन्द्र ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान अनेक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में राजयोग मेडिटेशन ने उन्हें शांत, संतुलित और स्पष्ट निर्णय लेने में सहायता प्रदान की। उन्होंने इसे तनावपूर्ण जीवन में मानसिक संतुलन बनाए रखने का एक प्रभावी साधन बताया।

कार्यक्रम के अंत में ब्रह्माकुमारी अंजलि ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी को दैनिक जीवन में आध्यात्मिकता को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन एक अगर्बत्ती के समान है, जो स्वयं जलकर वातावरण को सुगंधित करता है, और एक दीपक के समान है, जो स्वयं प्रकाश बनकर दूसरों के जीवन को आलोकित करता है।

कार्यक्रम का समापन सामूहिक मेडिटेशन एवं विश्व शांति के संकल्प के साथ हुआ। अंत में सभी उपस्थितजनों को ईश्वरीय सौगात एवं ब्लेसिंग कार्ड प्रदान किए गए, जिससे सभी ने गहन शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।

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