

कोलकाता : मदर्स डे के अवसर पर महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से HCG Cancer Hospital ने न्यू टाउन, कोलकाता में एक विशेष कैंसर जागरूकता परिचर्चा का आयोजन किया। कार्यक्रम में कैंसर की रोकथाम, शुरुआती पहचान और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और उनके परिवारों को कैंसर के शुरुआती लक्षणों, जोखिम कारकों और बचाव संबंधी उपायों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ मां ही परिवार की असली ताकत होती है, इसलिए महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कार्यक्रम में अस्पताल के कई वरिष्ठ विशेषज्ञ मौजूद रहे, जिनमें Dr. Rupali Basu, Dr. Jyoti Gupta, Dr. M.U.R.S. Sirisha और Dr. Shreya Bhattacharya शामिल थीं।
विशेषज्ञों ने चर्चा के दौरान कहा कि महिलाएं अक्सर परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे गंभीर बीमारियों का समय पर पता नहीं चल पाता। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में हृदय, लिवर, किडनी, फेफड़े, गर्भाशय और मस्तिष्क से जुड़े छह व्यापक स्वास्थ्य प्रोफाइल भी प्रस्तुत किए गए। इंटरैक्टिव सत्रों के जरिए लोगों को शुरुआती चेतावनी संकेतों और नियमित जांच की अहमियत के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी गई।
इस मौके पर डॉ. रूपाली बसु ने कहा कि जागरूकता ही वह माध्यम है जो चिकित्सा विशेषज्ञता को आम लोगों तक पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि रोकथाम, समय पर पहचान और सही उपचार से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में भी जीवन बचाया जा सकता है।
डॉ. ज्योति गुप्ता ने कहा कि कई मामलों में कैंसर का पता देर से चलता है, जिससे उपचार जटिल हो जाता है। वहीं, डॉ. सिरीषा ने सर्वाइकल और ओवेरियन कैंसर के शुरुआती चरण में बिना लक्षण बढ़ने की चुनौती पर प्रकाश डाला।
डॉ. श्रेया भट्टाचार्य ने कहा कि हेड एंड नेक कैंसर अक्सर जीवनशैली से जुड़े जोखिम कारकों के कारण होते हैं और मुंह में लंबे समय तक रहने वाले छाले, आवाज में बदलाव या निगलने में परेशानी जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में अस्पताल की ओर से लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता देने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की गई। मदर्स डे के इस विशेष अवसर पर यह संदेश दिया गया कि दूसरों की देखभाल के साथ-साथ महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।