

दक्षिण 24 परगना : कार्यरत शिक्षकों के लिए TET परीक्षा देने का फरमान रद्द करने, SSC-2016 के योग्य शिक्षकों एवं शिक्षाकर्मियों की पुनर्बहाली तथा ग्रांट-इन-एड कर्मचारियों को ROPA-2009 के बकाया DA का भुगतान सहित शिक्षा एवं शिक्षक-शिक्षाकर्मियों की विभिन्न मांगों को लेकर यह सम्मेलन आयोजित किया गया। जिले के विभिन्न हिस्सों से लगभग 300 निर्वाचित प्रतिनिधियों ने सम्मेलन में हिस्सा लिया। सम्मेलन का उद्घाटन पश्चिम बंगाल पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. चंद्रशेखर चक्रवर्ती ने किया। इसके अलावा समिति के महासचिव वासुदेव दास, पूर्व महासचिव विश्वजीत मित्र, जिला सचिव अनिमेष हालदार, अध्यक्ष डॉ. प्रसनजीत दास सहित राज्य एवं जिले के पूर्व पदाधिकारी और नेता उपस्थित रहे। जिला सचिव अनिमेष हालदार ने कहा कि नई राज्य सरकार ने भले ही कुछ अन्य मुद्दों पर सक्रियता दिखाई है, लेकिन कार्यरत शिक्षकों की TET संबंधी समस्या के समाधान, SSC-2016 के योग्य उम्मीदवारों की पुनर्बहाली तथा ग्रांट-इन-एड कर्मचारियों के ROPA-2009 के बकाया DA के भुगतान के संबंध में किए गए वादों को अब तक पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि समिति की पहल पर सभी स्तर के शिक्षकों को एकजुट कर संयुक्त आंदोलन के माध्यम से सरकार को इन मांगों को पूरा करने के लिए बाध्य करने का निर्णय आज के सम्मेलन में लिया गया है। सम्मेलन में सचिव और अध्यक्ष को पुनः निर्वाचित करते हुए एक सशक्त नई जिला समिति का गठन किया गया। शरतचंद्र चट्टोपाध्याय, काजी नजरुल इस्लाम और सुकांत भट्टाचार्य के विशेष स्मरण वर्ष के अवसर पर समिति की पहल पर आयोजित जिला स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मेलन के मंच से पुरस्कार प्रदान किए गए।