किराये पर गाड़ियां लेकर बेचने वाला ठगी गिरोह का पर्दाफाश

सोनारपुर से 10-11 महंगी गाड़ियां बरामद
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बारूईपुर पुलिस के अधिकारी साथ में है सोनारपुर थाने के आईसी आशीष दास व अन्य
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बारूईपुर पुलिस के अधिकारी साथ में है सोनारपुर थाने के आईसी आशीष दास व अन्य
Published on: 

दक्षिण 24 परगना : किराये पर चलाने का झांसा देकर वाहन मालिकों से गाड़ियां लेने और फिर उन्हें दूसरे लोगों को बेचने वाले बड़े ठगी गिरोह का सोनारपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अब तक 10-11 महंगी और नई चारपहिया गाड़ियां बरामद की हैं। दिल्ली से भी एक गाड़ी बरामद की जा रही है। पुलिस को अब तक करीब 28-30 गाड़ियों का सुराग मिला है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गत 11 अक्टूबर को सोनारपुर थाने में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद जांच शुरू कर राकिब मोल्ला को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि राकिब वाहन मालिकों से संपर्क कर उनकी गाड़ियां किराये पर लेने की बात करता था। वह कहता था कि गाड़ियों को पुलिस या अन्य सरकारी विभागों में किराये पर लगाया जाएगा। विश्वास में लेकर गाड़ियां हासिल करने के बाद वह उन्हें दूसरे लोगों को बेच देता था। इस मामले में राकिब के सहयोगी शंकर गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को पहले 14 दिनों की पुलिस हिरासत में लिया गया था। पुलिस अब उनसे दोबारा पूछताछ की तैयारी कर रही है। राकिब को गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है। वह बारुईपुर के मल्लिकपुर का निवासी है, जबकि शंकर पंचशायर नयाबाद इलाके में रहता है। पुलिस के मुताबिक, यह ठगी कई वर्षों से चल रही थी। बरामद गाड़ियां हावड़ा, कोलकाता, उत्तर और दक्षिण 24 परगना समेत विभिन्न इलाकों से मिली हैं। पश्चिम बंगाल के सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया है। जांच में एक अन्य व्यक्ति का नाम भी सामने आया है, जिसकी पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। बरामद गाड़ियों पर एडवोकेट और पुलिस के स्टिकर लगे होने की बात भी सामने आई है। पुलिस इसकी जांच कर रही है कि इन वाहनों का इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में तो नहीं हुआ। आने वाले दिनों में और गाड़ियों की बरामदगी तथा गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की संभावना है।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News