तारातला हादसा : मोबाइल-दस्तावेज जब्त, केएमसी से मांगी गईं फाइलें अब तक नहीं मिलीं

पोर्ट ट्रस्ट से मांगी गयी सॉयल टेस्ट की रिपोर्ट
फाइल फोटो
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कोलकाता : तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने के मामले की जांच में जुटी विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने रविवार को कई अहम जगहों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए। जांच के दौरान कालीचरण बनर्जी के हावड़ा स्थित आवास से दो मोबाइल फोन और कई दस्तावेज बरामद किए गए। वहीं, शंभुनाथ बेहरा के कार्यालय में भी तलाशी अभियान चलाकर कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि निर्माण प्रक्रिया, स्वीकृत नक्शे और अन्य प्रशासनिक अनुमतियों से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके। पुलिस के अनुसार एसआईटी ने जांच के लिए कोलकाता नगर निगम से बिल्डिंग का स्वीकृत प्लान, सरकारी दस्तावेज और सॉयल टेस्ट से संबंधित रिकॉर्ड मांगे थे, लेकिन अब तक ये दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन दस्तावेजों के अभाव में जांच के कुछ पहलुओं में देरी हो रही है। जांच एजेंसी ने इस मामले में केएमसी के अधिकारियों सहित पांच लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया है। इनमें एलबीएस सहित अन्य अधिकारी भी शामिल हैं। दूसरी ओर, जांच एजेंसी का दावा है कि कालीचरण बनर्जी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जबकि शंभुनाथ बेहरा भी असहयोग कर रहे है।

उल्टे क्रम में हुआ था गोदाम का निर्माण!

इस बीच, इमारत गिरने की जगह से निर्माण में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। एनडीआरएफ और डीएमजी के दो बचावकर्मियों ने मौके पर एसआईटी अधिकारियों को बताया कि गिरी हुई इमारत का निर्माण मानक इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं था। बचाव दल के एक सदस्य के अनुसार, सामान्यतः किसी इमारत का निर्माण करते समय भूतल (ग्राउंड फ्लोर) से ऊपर की ओर क्रमवार प्रत्येक मंजिल की छत का स्लैब डाला जाता है। लेकिन जांच के दौरान पाया गया कि दूसरी और तीसरी मंजिल की छत के स्लैब तो बनाए जा चुके थे, जबकि पहली मंजिल का स्लैब मौजूद नहीं था। बचाव दल के अनुसार, प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत हुआ कि इमारत का निर्माण सामान्य प्रक्रिया के विपरीत, उल्टे क्रम में किया गया था।


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