SIR सुनवाई के विरोध में वृद्ध ने की पदयात्रा

संग्राम मल्लिक
संग्राम मल्लिक
Published on

हुगली : चुंचुड़ा के एक वरिष्ठ नागरिक ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के नाम पर आम लोगों को परेशान किए जाने के विरोध में पदयात्रा कर अपनी नाराजगी जाहिर की। 61 वर्षीय संग्राम मल्लिक ने घड़ी मोड़ से बालिखाल तक लगभग 30 किलोमीटर पैदल चलकर विरोध प्रदर्शन किया। संग्राम मल्लिक पहले हुगली-चुंचुड़ा नगर पालिका के 14 नंबर वार्ड से इंडियन पीपुल फ्रंट (आईपीएफ) के प्रत्याशी रह चुके हैं और उन्हें स्थानीय राजनीति और जनता की समस्याओं का गहन अनुभव है। उन्होंने बताया कि एसआईआर के नाम पर कई लोगों को बेवजह सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है, जिससे सामान्य जनता असुविधा और मानसिक तनाव का सामना कर रही है। उनका कहना है कि मतदान करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन इस तरह की प्रक्रियाओं के कारण जनता का अधिकार सीमित और प्रभावित हो रहा है। संग्राम मल्लिक ने विशेष रूप से अपना अनुभव साझा किया कि उन्हें 2002 की मतदाता सूची में नाम न होने के आधार पर बुलाया गया था, जबकि वे 1990 में चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने इस स्थिति को न्यायसंगत नहीं बताया और कहा कि सरकार और प्रशासन को इस प्रकार की प्रक्रियाओं के दौरान आम जनता के अधिकारों और सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए। इस पदयात्रा के दौरान संग्राम मल्लिक ने स्थानीय लोगों से भी इस मुद्दे पर जागरूक रहने और अपने मताधिकार की सुरक्षा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वोट देना न केवल जिम्मेदारी है, बल्कि नागरिक का अधिकार भी है, जिसे किसी भी स्थिति में बाधित नहीं किया जाना चाहिए। स्थानीय नागरिकों ने भी संग्राम के इस कदम की सराहना की और प्रशासन से अपील की कि वह एसआईआर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाएं, ताकि आम जनता को इस कारण कोई कठिनाई न हो। इस पदयात्रा ने न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए, बल्कि नागरिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मदद की।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in