

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री तापस रॉय ने साल्ट लेक सांस्कृतिक संसद के ट्रस्ट बोर्ड चेयरमैन श्री ललित बेरिवाला के साथ सेंट्रल पार्क, साल्ट लेक में पारंपरिक खूंटी पूजा में हिस्सा लिया। इसके साथ ही संस्था के इस वर्ष के दुर्गा पूजा समारोह की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
इस अवसर के साथ इस वर्ष एक बड़े उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। साल्ट लेक सांस्कृतिक संसद इस बार अपने वार्षिक दशहरा उत्सव और रावण दहन को दुर्गा पूजा समारोह के साथ जोड़कर आयोजित कर रही है। इस वर्ष समारोह की थीम “राम एर अयोध्या – राम की अयोध्या” रखी गई है, जिसके माध्यम से भगवान श्रीराम से जुड़ी सांस्कृतिक विरासत और उत्सव की भावना को कार्यक्रमों में समाहित किया जाएगा।
इस वर्ष आयोजित की गई खूंटी पूजा विशेष महत्व रखती है, क्योंकि साल्ट लेक सांस्कृतिक संसद द्वारा पहली बार इसका आयोजन किया गया है। संस्था पिछले 14 वर्षों से सेंट्रल पार्क में वार्षिक दशहरा समारोह आयोजित करती आ रही है, जो शहर के प्रमुख उत्सवों में अपनी विशेष पहचान बना चुका है।
इस वर्ष समारोह को और व्यापक रूप देने के लिए विभिन्न शानदार प्रस्तुतियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मनोरंजक गतिविधियों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से दुर्गा पूजा के शुभारंभ से लेकर भव्य दशहरा समारोह और रावण दहन तक लोगों को एक निरंतर उत्सवी अनुभव प्रदान करने की तैयारी है। कार्यक्रमों में संस्कृति, मनोरंजन और उत्सव की भावना का समावेश किया जाएगा।
माननीय मंत्री तापस रॉय और ललित बेरिवाला, ट्रस्ट बोर्ड चेयरमैन, साल्ट लेक सांस्कृतिक संसद ने खूंटी पूजा समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर संजय अग्रवाल, अध्यक्ष; अमित पोद्दार, सचिव बिनय दुबे, संयोजक, सहित आयोजन समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रमुख उद्योग जगत की हस्तियों में लक्स कोज़ी के श्री अशोक टोडी, एमामी ग्रुप के श्री आर. एस. गोयनका, स्किपर के श्री सज्जन बंसल, एसकेजी फार्मा के श्री अनिल कुमार अग्रवाल और अनमोल बिस्कुट के श्री दिलीप चौधरी उपस्थित रहे। सहयोगी संस्थाओं की ओर से श्याम स्टील, गोविंदा टीएमटी, आधुनिक सीमेंट, बंगाल एनर्जी लिमिटेड और एम बाजार के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
श्री ललित बेरिवाला, ट्रस्ट बोर्ड चेयरमैन, साल्ट लेक सांस्कृतिक संसद, ने कहा, “दुर्गा पूजा और दशहरा हमारी सांस्कृतिक विरासत में विशेष स्थान रखते हैं और इस वर्ष की थीम दोनों उत्सवों को एक साझा सांस्कृतिक सूत्र में जोड़ती है। ‘राम एर अयोध्या – राम की अयोध्या’ के माध्यम से समुदाय के लिए समारोह को और अधिक आकर्षक बनाने के साथ-साथ हमारी परंपराओं को समकालीन स्वरूप में अनुभव करने का एक सार्थक अवसर भी मिलेगा। हमें इस अवसर पर श्री तापस रॉय की उपस्थिति का सम्मान प्राप्त हुआ है और हम दुर्गा पूजा से लेकर दशहरा तक एक व्यापक उत्सव के माध्यम से पूरे समुदाय को एक साथ लाने के लिए उत्सुक हैं।”
खूंटी पूजा के साथ अब सेंट्रल पार्क में तैयारियां तेज होंगी। साल्ट लेक सांस्कृतिक संसद दुर्गा पूजा के शुभारंभ से लेकर दशहरा उत्सव और रावण दहन तक विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के लिए तैयार है, जो साल्ट लेक के उत्सवी कैलेंडर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा।
साल्ट लेक सांस्कृतिक संसद की स्थापना वर्ष 1982 में साल्ट लेक सिटी के सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक समूह द्वारा की गई थी। यह एक सामुदायिक संस्था है, जो सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत है। वर्तमान में इसके लगभग 1,300 सदस्य परिवार हैं और संस्था स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, खेल, संस्कृति, युवा एवं महिला कल्याण के साथ-साथ सामुदायिक एवं राहत कार्यक्रमों के क्षेत्र में विभिन्न पहल करती है।
संसद साल्ट लेक शिक्षा निकेतन भी संचालित करती है, जो CBSE से संबद्ध अंग्रेजी माध्यम का सह-शिक्षा विद्यालय है। लगभग 1.25 एकड़ में फैले इस विद्यालय में 2,000 से अधिक विद्यार्थी तथा 85 से अधिक शिक्षक एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी हैं। अपनी विभिन्न पहलों के माध्यम से संस्था साल्ट लेक समुदाय के सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास में निरंतर योगदान दे रही है।