

नेहा, सन्मार्ग संवाददाता
शिलांग : शिलांग कस्टम्स (प्रिवेंटिव) की एंटी-स्मगलिंग यूनिट, कस्टम्स डिवीजन गुवाहाटी ने एक महत्वपूर्ण अभियान चलाकर तेंदुए (Panthera Pardus) की खाल जब्त की और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। अधिकारियों को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि नगांव जिले के अहोटगुड़ी, एनएच-37 के पास तेंदुए की खाल की अवैध सौदेबाज़ी होने वाली है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए कस्टम्स अधिकारियों ने गुप्त निगरानी शुरू की। लंबे समय तक निगरानी के बाद, टीम ने 14:40 बजे के आसपास बरबरी, अहोटगुड़ी क्षेत्र में एचडीपीई बैग लिए हुए एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका। जब बैग की तलाशी ली गई तो उसमें से तेंदुए की खाल बरामद हुई, जिसे सावधानीपूर्वक छिपाकर रखा गया था।
जब्त की गई खाल की लंबाई सिर से पूँछ तक 47 इंच और वजन 2.110 किलोग्राम पाया गया। तेंदुआ, वैज्ञानिक नाम Panthera pardus, CITES के Appendix I में सूचीबद्ध है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध है। भारत में भी यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में शामिल है, जिसके तहत इसे सर्वोच्च स्तर का कानूनी संरक्षण प्राप्त है। वन्यजीवों के अंगों का अवैध व्यापार, खासकर तेंदुए जैसी विलुप्तप्राय प्रजातियों की खाल, पर्यावरण और जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे अपराध अक्सर संगठित तस्करी नेटवर्क से जुड़े होते हैं। कस्टम्स टीम की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि विभाग वन्यजीव तस्करी पर रोक लगाने और संरक्षण कानूनों को सख्ती से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
जप्त की गई खाल और गिरफ्तार व्यक्ति को आगे की कानूनी कार्रवाई हेतु नगांव जिले के क्षेत्रीय वन विभाग को सौंपा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी समूह सक्रिय है। यह सफल अभियान पूर्वोत्तर भारत में वन्यजीव तस्करी रोकने और विलुप्तप्राय प्रजातियों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।