एसआईआर प्रक्रिया पर शमीक भट्टाचार्य का राज्य सरकार पर तीखा प्रहार

कहा- No SIR, No Vote
राज्यसभा सांसद व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य
राज्यसभा सांसद व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य
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कोलकाता : बंगाल में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। सॉल्टलेक स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने राज्य की मौजूदा स्थिति को “बेहद चिंताजनक और शर्मनाक” बताया है। शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल सहित देश के कुल 12 राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया एक साथ शुरू हुई थी, जिनमें से 10 राज्यों में यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश में 4 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए, जबकि केरल और तमिलनाडु जैसे गैर-भाजपा शासित राज्यों में भी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल बंगाल में विरोध, बीडीओ कार्यालयों में आगजनी, राष्ट्रीय राजमार्ग अवरोध, बीएलए पर हमले और बीएलओ को डराने-धमकाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि यहां सर्वोच्च न्यायालय को न्यायाधीशों के माध्यम से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश देने पड़ रहे हैं, जो प्रशासनिक विवेक की कमी और प्रशासन के राजनीतिकरण को दर्शाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अदालत प्रशासन पर भरोसा नहीं कर पा रही है। न्यायाधीश असुरक्षा की भावना से काम कर रहे हैं। विभिन्न जिला अदालतों में जमानत न देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। आम नागरिकों को झूठे मामलों में परेशान किया जा रहा है। उनके मुताबिक, वाम शासन की नकारात्मक परंपराओं को भी तृणमूल कांग्रेस ने पीछे छोड़ दिया है और एसडीओ-बीडीओ से लेकर डाटा एंट्री स्तर तक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे 80 दिन लगें या 180 दिन, एसआईआर प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए और त्रुटिरहित मतदाता सूची जनता के सामने रखी जानी चाहिए। भाजपा का स्पष्ट रुख है “No SIR, No Vote”। उन्होंने मीना देवी पुरोहित पर हुए हमले और पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि आयोग के इनकार के बावजूद भाजपा ने 11 हजार से अधिक सीटें जीतीं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से स्वयं कोलकाता आकर मुर्शिदाबाद, डोमकल और दक्षिण 24 परगना का दौरा करने की मांग की। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने आयोग से सभी शिकायतों की सुनवाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बंगाल सीमावर्ती राज्य होने के कारण मतदाता सूची का मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और राज्य को आतंक व भूमि अतिक्रमण का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। सम्मेलन में विशेष सदस्यता अभियान के तहत संदीपा चक्रवर्ती और एडवोकेट नीलाभ बनर्जी को भाजपा में शामिल कराया गया।

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