

कोलकाता : बंगाल में औद्योगिक विकास को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने दावा किया है कि राज्य में टाटा समूह की वापसी संभव है और इसे वापस लाने की जिम्मेदारी भाजपा निभाएगी।
हाल ही में उन्होंने कहा कि सिंगुर में भूमि का चरित्र बदल चुका है और वहां अब ज्वेलरी हब तथा औद्योगिक केंद्र विकसित करने की योजना है। उनके अनुसार, राज्य में भारी उद्योगों को बढ़ावा देना भाजपा की प्राथमिकता है और इसके लिए नयी औद्योगिक नीति लायी जाएगी।
भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि आगामी 100 दिनों के भीतर नयी औद्योगिक नीति तैयार की जाएगी, जिससे पश्चिम बंगाल में निवेश और रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे। उन्होंने दावा किया कि राज्य में राजस्व बढ़ाने के लिए केवल मेलों और आयोजनों पर निर्भरता छोड़कर औद्योगिक विकास पर ध्यान देना होगा।
एक बैंकर और उद्योग संगठन के कार्यक्रम में उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में उद्योगों के विकास के लिए अपेक्षित नीतिगत सहयोग नहीं मिला, जिससे कई परियोजनाएं प्रभावित हुईं। उन्होंने उदाहरण के तौर पर अशोकनगर तेल परियोजना का भी उल्लेख किया, जिसे वर्षों तक गति नहीं मिल पाई।
भाजपा नेता ने कहा कि राज्य में मौजूद प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग कर आर्थिक विकास को गति दी जा सकती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि खनिज और ऊर्जा संसाधनों के क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएं हैं। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर औद्योगिक नीति और निवेश को लेकर बहस तेज हो गई है।