वरिष्ठ अधिकारियों को धमकी दे रहे हैं शाह : ममता

भाजपा और SIR प्रक्रिया पर मुख्यमंत्री ने उठाए गंभीर आरोप
वरिष्ठ अधिकारियों को धमकी दे रहे हैं शाह : ममता
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प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान भाजपा पर राज्य की मतदाता सूची में एक करोड़ से अधिक नाम हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी आरोप लगाया कि वे वरिष्ठ अधिकारियों को धमकी देकर अपनी पार्टी के एजेंडे को पूरा करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने कहा कि SIR प्रक्रिया के बहाने, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, मुस्लिम और बिहारियों जैसी भाषाई और सामाजिक समूहों के नाम हटाए हैं, जिन्होंने 2002 के बाद भी लगातार मतदान किया। उन्होंने चेताया कि भाजपा इस बार 1.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा सकती है, लेकिन वे इसे रोकने के लिए पूरी लड़ाई लड़ेंगी। उन्होंने CEC को 'वैनिश कुमार' बताते हुए कहा कि आने वाले समय में उनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, ममता ने दावा किया कि दो चुनाव आयोग प्रतिनिधि भी अमित शाह की साजिश में शामिल हैं और लोगों को मतदान करने से रोक रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, SIR प्रक्रिया के बाद 63.66 लाख नाम हटाए गए, जिससे मतदाता संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ हो गई। इसके अलावा 60.06 लाख मतदाताओं को “विचाराधीन” श्रेणी में रखा गया है।

सूत्रों के अनुसार, ममता ने कहा कि मुस्लिम, महिलाएं, एससी, एसटी, ओबीसी और मतुआ समुदायों के लाखों नाम हटाए गए हैं। दार्जिलिंग हिल्स में 50,000 गोरखाओं के नाम हटाए गए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सहायक निर्वाचन अधिकारियों द्वारा तैयार सूची में बदलाव दिल्ली में किया गया और इसके पीछे अमित शाह हैं। उन्होंने कहा, “भय दिखाकर कई लोग झुके, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। हम जानते हैं कि कैसे लड़ना है।”

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