शुक्रवार को ट्रैफिक कंट्रोल  रूम  के उद्घाटन मौके पर सीएम शुभेंदु अधिकारी
शुक्रवार को ट्रैफिक कंट्रोल रूम के उद्घाटन मौके पर सीएम शुभेंदु अधिकारी

सड़कों पर मनमानी करने वालों की खैर नहीं, सरकार का नया ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर जारी

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हेल्पलाइन नंबर 1800-345-8922 पर की जा सकती है कॉल,

मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम का किया उद्घाटन

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता :

राज्य में रात के समय कई जगहों पर राजमार्गों के ऊपर कृत्रिम ट्रैफिक जाम और नियमों के उल्लंघन की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री

शुभेंदु अधिकारी

ने एक विशेष टोल-फ्री ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर (1800-345-8922) जारी किया। इसकी मदद से आम नागरिक राष्ट्रीय राजमार्गों पर कृत्रिम जाम, अवैध रूप से सड़क रोकने या यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकेंगे। शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।

आरक्षा भवन में अत्याधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम का उद्घाटन

साल्टलेक स्थित‘आरक्षा भवन’ में शुक्रवार को अत्याधुनिक लाइव ट्रैफिक कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर राज्य की यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

पूजा से पहले सड़कों की मरम्मत पर जोर

सीएम ने कहा कि लगातार हो रही बारिश से राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को हुए नुकसान की मरम्मत दुर्गा पूजा से पहले युद्धस्तर पर पूरी करने का निर्देश दिया गया है। पहाड़ी इलाकों, खासकर दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में पार्किंग की गंभीर समस्या और यातायात जाम से निपटने के लिए नई पार्किंग व्यवस्था विकसित करने तथा इसके लिए आवश्यक फंड उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।

महालया पर पुलिस बेड़े में शामिल होंगे नए वाहन

पुलिस के आधुनिकीकरण से जुड़ी घोषणाओं के तहत मुख्यमंत्री ने बताया कि महालया के दिन 450 नई पुलिस गाड़ियां, 450 मोटरसाइकिलें और तटीय सुरक्षा के लिए 50 आधुनिक नावें पुलिस बेड़े में शामिल की जाएंगी। साथ ही, आपातकालीन सेवा ‘112’ को और मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि ग्रामीण इलाकों में भी पुलिस त्वरित प्रतिक्रिया दे सके। प्रशासन की कार्यप्रणाली पर जोर देते हुए कहा गया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य ‘बात कम, काम ज्यादा’ है और पुलिस प्रशासन में पारदर्शिता तथा आम जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है।
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