

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : वैज्ञानिक शिक्षा और जनभागीदारी का प्रतीक साइंस सिटी, कोलकाता, को उसके अत्याधुनिक क्लाइमेट चेंज गैलरी ‘ऑन द एज?’ के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त सीआईएमयूएसईटी अवॉर्ड के लिए नामांकित किया गया है। यह पुरस्कार इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ म्यूजियम्स (आईसीओएम) द्वारा उन वैज्ञानिक और तकनीकी संग्रहालयों को दिया जाता है जो समाज में प्रभावशाली बदलाव लाने में सफल रहे हैं।
यह स्थायी गैलरी भारत की जलवायु परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की प्राचीन भारतीय सोच से प्रेरित है — जिसका अर्थ है "पूरा विश्व एक परिवार है"। यह सोच जी20 के मानव-केंद्रित विकास दृष्टिकोण और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों ( एसडीजीएस) के अनुरूप है।
सुंदरबन जैसे जलवायु परिवर्तन से प्रभावित क्षेत्र के निकट स्थित होने के कारण साइंस सिटी इस संवाद के लिए एक उपयुक्त स्थान बनाता है। यह गैलरी वैज्ञानिक तथ्यों के साथ मानवीय कहानियों को जोड़कर जलवायु परिवर्तन को सरल, रोचक और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करती है। इसका मुख्य उद्देश्य गलत जानकारी को दूर करना, जलवायु चिंता को कम करना, और खासकर युवा पीढ़ी में जलवायु के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है।
गैलरी की डिजाइन बेंजामिन फ्रैंकलिन की शैक्षणिक विचारधारा पर आधारित है:
"मुझे बताओ और मैं भूल जाऊंगा, मुझे सिखाओ और मैं याद रखूंगा, मुझे शामिल करो और मैं सीखूंगा।"
यहाँ आगंतुकों को इंटरऐक्टिव एक्सहिबिट्स, ऑगमेंटेड और वर्चुअल रियलिटी, तथा 3D होलोग्राफिक इल्यूज़न जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से गहराई से जोड़ा जाता है।
गैलरी की शुरुआत के बाद से अब तक 10 लाख से अधिक लोग, जिनमें से 60,000 छात्र, इसे देख चुके हैं। यह एक सामुदायिक संवाद और जलवायु नागरिकता का केंद्र बन चुका है। इसकी सफलता ने रांची साइंस सेंटर जैसे अन्य क्षेत्रों में इस मॉडल को दोहराने की प्रेरणा दी है।
CIMUSET पुरस्कार के लिए दूसरा नामांकन फ्रांस के Musée des Arts et Métiers, पेरिस की प्रदर्शनी ‘Carbon Footprint, the Exhibition!’ को मिला है। यह प्रदर्शनी दिखाती है कि कैसे एक ऐतिहासिक संस्था अपने संग्रह और कार्यप्रणाली को आज के पारिस्थितिक संकट से जोड़ सकती है।
राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (NCSM) के महानिदेशक ए. डी. चौधरी ने कहा :
"जैसे-जैसे विश्व जलवायु परिवर्तन की सच्चाई से जूझ रहा है, साइंस सिटी की ‘ऑन द एज?’ गैलरी एक आशा की किरण और कार्रवाई का आह्वान है। यह केवल जानकारी नहीं देती, बल्कि प्रेरणा देती है कि हम अपने साझा ग्रह की रक्षा करें। CIMUSET पुरस्कार के लिए नामांकन इसका प्रमाण है कि शिक्षा के माध्यम से सार्थक बदलाव लाया जा सकता है।"