

राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता
दक्षिण 24 परगना : सियालदह–बजबज रूट के आकड़ा–संतोषपुर इलाके की सोलह बीघा बस्ती में शनिवार दोपहर भीषण आग लगने से कई झुग्गियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। आग इतनी भयावह थी कि रेलवे लाइन के ओवरहेड तार भी जल गए, जिसके चलते सियालदह डिविजन में ट्रेन सेवाएं बाधित हो गईं। पूरा इलाका घने धुएं से ढक गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दोपहर करीब 1 बजकर 40 मिनट पर आग लगी। प्रारंभिक अनुमान है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। दमकल विभाग को सूचना दी गई, इसके बाद दमकल की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “दूसरे चरण के तहत 29 तारीख को वोट देना है, लेकिन हमारा सब कुछ जल गया, वोटर कार्ड, आधार कार्ड सब खत्म हो गया। हम घर में खाना खा रहे थे, तभी आग का गोला देखा। बाहर निकलते-निकलते सब खत्म हो गया। 6–7 बच्चों का अब तक पता नहीं चल रहा है। दो दमकल गाड़ियां आई थीं, लेकिन एक में पानी नहीं था। एक व्यक्ति आग से बचने के लिए तालाब में कूद गया, उसका भी पता नहीं है। एक अन्य व्यक्ति पर ट्रेन का तार गिर गया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया।” एक अन्य झुग्गी निवासी ने बताया कि करंट लगने से एक व्यक्ति अस्पताल में भर्ती है। लोगों में दमकल की भूमिका को लेकर भारी नाराजगी है। आरोप है कि आग इतनी तेज थी कि दमकल का पानी खत्म हो गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों का दावा है कि कई बच्चे लापता हैं। धुएं के कारण कुछ भी स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। बताया जा रहा है कि करीब 50 से 60 झुग्गियां पूरी तरह जल चुकी हैं। यह इलाका काफी घनी आबादी वाला है, जिसके कारण आग तेजी से फैल गई। फिलहाल, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कोई अंदर फंसा नहीं है। घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। इधर, आग लगने से झुग्गीवासियों का सब कुछ जलकर खत्म हो गया। महिलाएं फूट-फूटकर रो रही हैं और सभी लोग पूरी तरह असहाय हो गए हैं। तृणमूल नेता तापस चक्रवर्ती ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है। इस घटना के बाद कई लोग असहाय हो गये हैं। फिलहहाल आग पर काबू पा लिया गया है।