

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : फूलकटरा में आयोजित सत्संगम परिवार का दीपावली मिलन कार्यक्रम इस वर्ष भी श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन ब्रह्मलीन जयदयाल त्यागी जी की प्रेरणा से किया गया, जिनकी आध्यात्मिक शिक्षाओं और समाजसेवी दृष्टिकोण ने संस्था के कार्यों को सदैव दिशा दी है। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से साप्ताहिक कीर्तन के साथ हुई, जिसमें भक्तों ने सामूहिक रूप से भजनों का गायन कर दीपावली के इस पावन पर्व को भक्ति और प्रेम के रंगों से भर दिया।
समारोह के विशिष्ट अतिथियों में समाजसेवी और प्रतिष्ठित व्यक्तित्व—गोविंद मुरारी अग्रवाल (आलम बाज़ार), विश्वनाथ अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद जिंदल, पवन कानोड़िया, वरुण कुमार साव, बलवंत अग्रवाल, जितेंद्र राय, राजपाल गुप्ता, नवल किशोर झंवर, प्रभुदयाल केशान, शंकर सुगला, संदीप पोद्दार और सुशील रस्तोगी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने संयुक्त रूप से संस्था की ओर से प्रकाशित वार्षिक स्मारिका “संगम सुधा” का विमोचन किया। इस पुस्तक में संस्था की वर्षभर की गतिविधियों, सेवा कार्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया गया है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा भजन संध्या, जिसमें विख्यात गायक और भजन प्रेमियों ने अपने मधुर स्वरों से समा बाँध दिया। गायक बाबा पिंटू, संगीता कानोड़िया, अनुराधा माधोगढ़िया, लता पांडेय, लख्खी शर्मा, मीना शर्मा और नमन सराफ ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। “दीप जले हर घर में” और “राम नाम की लूट है” जैसे भजनों ने श्रोताओं के हृदय को गहराई से स्पर्श किया। उपस्थित श्रद्धालु तालियों और “जय श्रीराम” के जयघोष के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन करते रहे।
कार्यक्रम के अंत में संस्था के प्रधान सचिव ईश्वर प्रसाद कानोड़िया ने सभी अतिथियों, कलाकारों और श्रद्धालुओं का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ब्रह्मलीन जयदयाल त्यागी जी की प्रेरणा से सत्संगम परिवार समाज में भक्ति, एकता और सद्भाव के संदेश को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दीपावली केवल दीपों का त्योहार नहीं, बल्कि आत्मा के प्रकाश का प्रतीक है।
कार्यक्रम की सफलता में ममता शर्मा, विकास शर्मा, गोलू शर्मा, भानु प्रकाश कानोड़िया और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। उनके अथक प्रयासों से यह आयोजन अनुशासन, गरिमा और भक्ति की भावना से परिपूर्ण रहा।
संपूर्ण कार्यक्रम भक्ति, सेवा और सौहार्द की अनूठी मिसाल बन गया, जिसने उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में सत्संगम परिवार के प्रति श्रद्धा और जुड़ाव को और अधिक सशक्त किया।