संदीप भूतोड़िया ने हिंदी में प्रस्तुत की महिषासुर मर्दिनी की गाथा

बंगाल की महालया परंपरा को मिलेगा राष्ट्रीय और वैश्विक मंच
Kolkata
हिंदी में प्रस्तुत महिषासुर मर्दिनी की गाथा
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : बंगाल की महालया परंपरा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के उद्देश्य से संस्कृति प्रेमी संदीप भूतोड़िया ने महिषासुर मर्दिनी की गाथा हिंदी में प्रस्तुत की है। ‘महालया: द स्टोरी ऑफ दुर्गा’ नामक इस प्रस्तुति में उनके कथावाचन के साथ प्रख्यात गायिका शुभा मुद्गल का गायन शामिल है।

इसे संगीतकार जोड़ी सौरेंद्रो-सौम्यजित के यूट्यूब चैनल पर सुना जा सकता है। बंगाल में महालया के अवसर पर सुबह चार बजे रेडियो पर महिषासुर मर्दिनी सुनने की परंपरा रही है। उसी परंपरा के तहत इस पहल के माध्यम से देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय की कथा को हिंदी भाषी श्रोताओं, बच्चों और युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

प्रख्यात अभिनेता एवं निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने हिंदी रूपांतरण तैयार किया है। प्रस्तुति में बानी कुमार, पंकज कुमार मल्लिक और बीरेंद्र कृष्ण भद्र की मूल रचनात्मक परंपरा को आधार बनाया गया है। इसमें पारंपरिक मंत्रों, चंडी पाठ और समकालीन संगीत का संयोजन है।

सौरेंद्रो-सौम्यजित की परिकल्पना वाली इस प्रस्तुति में छह मौलिक रचनाएं भी शामिल हैं। आचार्य तापश चक्रवर्ती ने चंडी पाठ किया है, जबकि संगीत निर्माण सैकत गोब्लो बिस्वास ने किया है।

संदीप भूतोड़िया के अनुसार, महालया बंगाल की सांस्कृतिक स्मृतियों का अभिन्न हिस्सा है। हिंदी प्रस्तुति के जरिए दिल्ली, दुबई और लंदन सहित विभिन्न स्थानों पर रहने वाले श्रोताओं को इस परंपरा से जोड़ना और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी विरासत पहुंचाना मुख्य उद्देश्य है।

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