सहारा समूह मामले में ED की बड़ी कार्रवाई

ED.
Published on

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : ED ने सहारा समूह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 44 के तहत अभियोजन शिकायत (प्रोसिक्यूशन कंप्लेंट) दाखिल की है। यह कार्रवाई जितेंद्र प्रसाद वर्मा और अनिल वेलापरंपिल अब्राहम की गिरफ्तारी के 60 दिनों के भीतर की गई।

क्या है मामला?

जांच में सामने आया है कि सहारा समूह की कई संपत्तियां, जो आम लोगों से जमा कराए गए पैसों से खरीदी गई थीं, उन्हें गुप्त तरीके से बेचा जा रहा था। इन सौदों में भारी मात्रा में नकद लेन-देन हुआ। ED के अनुसार अनिल अब्राहम और जितेंद्र वर्मा ने इन संपत्तियों की बिक्री में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर संपत्तियों के ट्रांजैक्शन को संगठित और निष्पादित किया।

सुप्रीम कोर्ट और रिफंड प्रक्रिया

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सहारा समूह ने अब तक करीब ₹16,138 करोड़ सहारा-सेबी रिफंड खाते में जमा किए हैं (31 मार्च 2025 तक)। इसमें से ₹5,000 करोड़ सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार (CRCS) को दिए गए। फरवरी 2025 तक ₹2,314 करोड़ 12.97 लाख निवेशकों को लौटाए गए। जुलाई 2025 तक ₹5,000 करोड़ से ज्यादा रकम 27 लाख से अधिक निवेशकों को वापस की जा चुकी है। सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने फिर से ₹5,000 करोड़ और जारी करने की अनुमति दी, ताकि बाकी निवेशकों को भुगतान किया जा सके।

ED की जांच में खुलासा

ED की जांच में सहारा समूह पर गंभीर आरोप लगे हैं। कंपनी पोंजी स्कीम की तरह काम कर रही थी। निवेशकों को मैच्योरिटी पर पैसा नहीं लौटाया गया, बल्कि दोबारा निवेश कर दिया गया। खातों में हेरफेर कर गैर-भुगतान को छिपाया गया। एक कंपनी से दूसरी कंपनी में देनदारियां ट्रांसफर की गईं। निवेशकों के पैसे से बेनामी संपत्तियां बनाई गईं और निजी इस्तेमाल में लाया गया।

कानूनी कार्रवाई

देशभर में सहारा समूह के खिलाफ 500 से ज्यादा FIR दर्ज। 300 से ज्यादा मामले PMLA से जुड़े। ED ने अब तक 4 प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर कई संपत्तियां जब्त कीं। अनिल अब्राहम और जितेंद्र वर्मा न्यायिक हिरासत में हैं। सहारा समूह के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य जुड़े लोगों की जांच जारी है। विदेशों में हुए लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है। सरकार और एजेंसियां अब शेष ₹19,533 करोड़ निवेशकों को लौटाने की दिशा में काम कर रही हैं।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in