

कोलकाता : काली पूजा के आयोजन की अनुमति लेने के लिए कोलकाता पुलिस का ऑनलाइन सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म ‘सहज’ 26 अक्टूबर से खुल गया है। इस पोर्टल के माध्यम से पूजा समितियां विभिन्न विभागों की अनुमति के लिए आवेदन कर सकेंगी।
पिछले वर्ष यह पोर्टल लक्ष्मी पूजा के दिन शुरू हुआ था, जबकि इस बार इसे एक दिन बाद खोला गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, काली पूजा के लिए अतिरिक्त दिशा-निर्देश तय करने के कारण इसमें देरी हुई हो सकती है।
पिछले साल 2,644 समितियों ने कराया था पंजीकरण
‘सहज’ पोर्टल के जरिए पूजा संबंधी अनुमतियों की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है, ताकि आयोजकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। पिछले साल इस व्यवस्था के तहत 2,644 काली पूजा आयोजकों ने पंजीकरण कराया था।
इस बार भी पुलिस ने सभी थाना प्रभारियों (OC) को पूजा समितियों को नियमों की जानकारी देने और उनका पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
पंडालों में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण अनिवार्य
पुलिस ने काली पूजा समितियों के लिए 20 बिंदुओं वाले दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत पंडालों में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाने, बिजली आपूर्ति के वैकल्पिक इंतजाम रखने तथा अग्निशमन उपकरण उपलब्ध कराने को कहा गया है।
रेत से भरी बाल्टियां और अग्निशामक यंत्र रखना भी अनिवार्य होगा। इसके अलावा, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की तैनाती करनी होगी। विसर्जन पूरा होने तक 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी या स्वयंसेवकों के जरिए लगातार निगरानी की व्यवस्था रखनी होगी।
तेज संगीत और पटाखों पर सख्ती
पुलिस के निर्देशानुसार, पंडालों के आसपास महिलाओं के लिए विशेष सुविधा वाले मोबाइल शौचालय और सहायता केंद्र भी स्थापित करने होंगे। तेज आवाज वाले संगीत और डीजे पर रोक रहेगी। केवल निर्धारित समय में ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे।
90 डेसीबल से अधिक आवाज करने वाले पटाखों, बिजली के कनेक्शन के पास आतिशबाजी और छतों पर पटाखे जलाने की अनुमति नहीं होगी। कोलकाता पुलिस ने शहर के प्रवेश मार्गों पर बनाए गए 15 जांच केंद्रों पर अवैध पटाखों की जांच भी शुरू कर दी है। प्रमुख पूजा तिथियों के दौरान पंडालों में पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।