साधु-संतों ने राज्य प्रशासन की व्यवस्था की सराहना की

साधु नारायण गिरी
साधु नारायण गिरी
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रामबालक दास, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : हर तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार—इस आस्था वाक्य को साकार करते हुए देश के दूर-दराज क्षेत्रों से अनेक साधु-संत पहली बार गंगासागर मेले में शामिल होने के लिए कोलकाता के ट्रांजिट प्वाइंट आउट्रम घाट पहुंचे हैं। यहां पहुंचकर साधु-संतों ने राज्य प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था की खुले दिल से प्रशंसा की। साधु-संतों का कहना है कि ठहरने, आवागमन और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था संतोषजनक है। शेड, रोशनी, पेयजल और आवागमन की सुचारु व्यवस्था के कारण उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था से श्रद्धालुओं को गंगासागर तक पहुंचने में काफी सहूलियत मिल रही है।

स्वामी विकासानंद सरस्वती
स्वामी विकासानंद सरस्वती

पहली बार गंगासागर जाने वाले साधुओंं ने यह कहा :

साधु नारायण गिरी ने कहा कि राज्य प्रशासन की व्यवस्था अत्यंत उत्तम है। उन्होंने कहा कि सुविधाओं को देखकर अब हर साल गंगासागर आने की इच्छा हो रही है। हालांकि, उन्होंने कुछ स्थानों पर चोरी की घटनाओं की ओर भी ध्यान दिलाया और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई। केदारनाथ से आए स्वामी विकासानंद सरस्वती ने भी सरकार की व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था काफी उत्तम है, जिससे साधु-संतों और श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिल रही है। वहीं श्रवण दास ने बताया कि वे भी पहली बार गंगासागर मेला जाने के लिए ट्रांजिट प्वाइंट पहुंचे हैं और यहां की व्यवस्था से वे संतुष्ट हैं। हालांकि, एक साधु पगला बाबा मोबाइल चोरी की घटना से आहत नजर आए। उनका कहना था कि श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए ट्रांजिट प्वाइंट पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाना चाहिए।

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