रफकॉन 2026 में रोबोटिक यूरोलॉजी के भविष्य पर मंथन

एआई और उन्नत सर्जिकल तकनीकों पर विशेष फोकस
रफकॉन 2026 के उद्घाटन अवसर पर (बाएं से दाएं) आरयूएफ काउंसिल के सचिव एवं पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. रविमोहन, आरयूएफ काउंसिल के अध्यक्ष एवं मैक्स हॉस्पिटल, दिल्ली के यूरोलॉजी एवं रोबोटिक्स विभाग के चेयरमैन डॉ. अनंत कुमार, अपोलो हॉस्पिटल्स, भारत के हॉस्पिटल्स डिवीजन के प्रेसिडेंट एवं सीईओ डॉ. मधु ससिधर तथा रफकॉन 2026 के आयोजन सचिव एवं अपोलो मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स, कोलकाता के कंसल्टेंट यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. तरुण जिंदल।
रफकॉन 2026 के उद्घाटन अवसर पर (बाएं से दाएं) आरयूएफ काउंसिल के सचिव एवं पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. रविमोहन, आरयूएफ काउंसिल के अध्यक्ष एवं मैक्स हॉस्पिटल, दिल्ली के यूरोलॉजी एवं रोबोटिक्स विभाग के चेयरमैन डॉ. अनंत कुमार, अपोलो हॉस्पिटल्स, भारत के हॉस्पिटल्स डिवीजन के प्रेसिडेंट एवं सीईओ डॉ. मधु ससिधर तथा रफकॉन 2026 के आयोजन सचिव एवं अपोलो मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स, कोलकाता के कंसल्टेंट यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. तरुण जिंदल।
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : रोबोटिक यूरोलॉजी फोरम (आरयूएफ) के 8वें राष्ट्रीय सम्मेलन रफकॉन 2026 का शुक्रवार को कोलकाता में औपचारिक शुभारंभ हुआ। पूर्वी भारत में पहली बार आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर से 300 से अधिक प्रमुख रोबोटिक यूरोलॉजिस्ट, सर्जन, शिक्षाविद् और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य रोबोटिक यूरोलॉजी के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, अनुसंधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक सर्जिकल पद्धतियों पर विचार-विमर्श के साथ चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना रहा।

सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों ने रोबोटिक यूरोलॉजी के तेजी से बढ़ते दायरे और इसके भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि रैडिकल प्रोस्टेटेक्टॉमी, रैडिकल सिस्टेक्टॉमी सहित कई जटिल यूरोलॉजिकल सर्जरी में रोबोटिक तकनीक का सफल उपयोग लगातार बढ़ रहा है। रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी ने अधिक सटीकता, कम आक्रामक उपचार और बेहतर सर्जिकल परिणामों के कारण मरीजों के उपचार में नई संभावनाएं पैदा की हैं। वैज्ञानिक सत्रों में दुनिया भर में रोबोटिक प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग और मरीजों की देखभाल में उनकी प्रभावी भूमिका पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

विशेषज्ञों ने बताया कि पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में रोबोटिक तकनीक कई मामलों में अधिक प्रभावी साबित हो रही है। इस तकनीक से सर्जरी के दौरान रक्तस्राव कम होता है, संक्रमण का खतरा घटता है, अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि कम होती है और मरीज अपेक्षाकृत जल्दी सामान्य जीवन में लौट पाते हैं। हाई-डेफिनिशन 3डी विज़न और अत्याधुनिक रोबोटिक उपकरणों की मदद से सर्जन जटिल ऑपरेशन भी अधिक सटीकता के साथ कर पा रहे हैं, जिससे दीर्घकालिक परिणाम और मरीजों की जीवन गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल रहा है।

रफकॉन 2026 का एक प्रमुख विषय रोबोटिक सर्जरी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता उपयोग रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि एआई आधारित प्रणालियां और ऑब्जेक्टिव परफॉर्मेंस मेट्रिक्स सर्जनों को ऑपरेशन की गुणवत्ता का विश्लेषण करने, निर्णय लेने की क्षमता बेहतर बनाने और प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर रहे हैं। मशीन लर्निंग और डेटा आधारित विश्लेषण के माध्यम से सर्जरी की सटीकता बढ़ाने, संभावित जटिलताओं को कम करने और मरीजों की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप उपचार विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

रफकॉन 2026 के आयोजन सचिव एवं अपोलो मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स, कोलकाता के कंसल्टेंट यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. तरुण जिंदल ने कहा कि यह सम्मेलन भारत में रोबोटिक यूरोलॉजी के तेजी से हो रहे विकास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में एआई, ऑगमेंटेड रियलिटी और अगली पीढ़ी की रोबोटिक तकनीकों पर हुई चर्चा भविष्य में मरीजों के उपचार को और बेहतर बनाएगी। उनका कहना था कि उद्देश्य केवल नई तकनीकों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि विशेषज्ञों के बीच सहयोग बढ़ाना, कौशल विकास को प्रोत्साहित करना और अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी को देशभर के अधिक से अधिक मरीजों तक पहुंचाना है।

आरयूएफ के अध्यक्ष एवं मैक्स हॉस्पिटल, दिल्ली में यूरोलॉजी एवं रोबोटिक्स विभाग के चेयरमैन डॉ. अनंत कुमार ने कहा कि रफकॉन वैज्ञानिक उत्कृष्टता, ज्ञान के आदान-प्रदान और विशेषज्ञों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। वहीं आरयूएफ के सचिव एवं पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. रविमोहन ने कहा कि वैज्ञानिक चर्चाएं और चिकित्सकीय अनुभवों का आदान-प्रदान मरीजों की बेहतर देखभाल और रोबोटिक सर्जरी में नवाचार को नई गति प्रदान करते हैं। सम्मेलन का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि अनुसंधान, नवाचार, शिक्षा और आपसी सहयोग के माध्यम से रोबोटिक यूरोलॉजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा तथा अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधाओं को देशभर के अधिक से अधिक मरीजों के लिए सुलभ बनाया जाएगा।

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