सरकारी रिसॉर्ट में डेस्टिनेशन वेडिंग का मौका कब से?

बजट में शाही शादी, पर्यटन विभाग की नई पहल
फाइल फोटो
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प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: बड़े पर्दे पर सितारों की शादियां देखकर “डेस्टिनेशन वेडिंग” का सपना अब केवल उच्चवर्ग तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य सरकार ने मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए किफायती दर पर सरकारी पर्यटन केंद्रों में शाही शादी का अवसर उपलब्ध कराने की पहल की है।

राज्य पर्यटन विभाग के अधीन नोडल एजेंसी डब्ल्यूबीटीडीसी के पास फिलहाल राज्यभर में लगभग 40 संपत्तियां (सरकारी रिसॉर्ट) हैं। इन्हीं में चयनित स्थलों पर आधुनिक बैंक्वेट हॉल, नवदंपति के लिए विशेष हनीमून सुइट और उन्नत अतिथि कक्ष विकसित किए जा रहे हैं। लक्ष्य है कि आगामी शीतकालीन विवाह सत्र से यह सुविधा आम लोगों के लिए उपलब्ध हो सकें।

‘शेपिंग द फ्यूतर ऑफ टूरिज्म इन वेस्ट बंगाल‘ शीर्षक सम्मेलन में पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव वरुण राय ने बताया कि दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कुर्सियांग जैसे पहाड़ी क्षेत्र हों या दीघा का समुद्रतट और पुरुलिया की प्राकृतिक पृष्ठभूमि-हर स्थान पर डेस्टिनेशन वेडिंग की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि खर्च “बजट-फ्रेंडली” रखा जाएगा, ताकि मध्यमवर्गीय परिवार भी इसका लाभ उठा सकें। पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन ने निजी भागीदारी को भी प्रोत्साहन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि नई पर्यटन नीति में हितधारकों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी और प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

सम्मेलन में इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स ( आईएटीओ ) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष देवजीत दत्ता ने 2030 विजन को ध्यान में रखते हुए ‘वेस्ट बंगाल टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड’ गठित करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। हाइकिंग, हॉट एयर बैलून राइड और ट्रेकिंग जैसी गतिविधियों को सुरक्षित ढांचे में शुरू करने की योजना है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पर्यटन विस्तार के साथ सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जायेगा।

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