

कोलकाता : चुनाव बाद राज्य में जारी राजनीतिक तनाव के बीच विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में उनके खेमे के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्धनाथ गुप्ता से मुलाकात कर तृणमूल कांग्रेस के विधायकों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित फर्जी एफआईआर दर्ज किए जाने तथा झूठे मुकदमों में फंसाने की शिकायत की।
प्रतिनिधिमंडल में जावेद खान, संदीपन साहा और अरूप राय भी शामिल थे। डीजीपी से मुलाकात के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया कि विभिन्न जिलों में राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे न केवल कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो रहा है, बल्कि कई नेताओं पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है।
ऋतब्रत ने दावा किया कि कई विधायक अपने समर्थकों की कानूनी लड़ाई का खर्च उठाने के लिए अपनी जमीन-जायदाद तक गिरवी रखने को मजबूर हैं, जबकि कुछ नेताओं को संपत्ति बेचने तक की नौबत आ गई है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने और कथित राजनीतिक उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की।
इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा तृणमूल कांग्रेस के लगभग 440 करोड़ रुपये के बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के मुद्दे पर ऋतब्रत खेमा ने फिलहाल कोई टिप्पणी करने से परहेज किया। खेमे के सूत्रों का कहना है कि जब तक चुनाव आयोग और अदालत में संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस विषय पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया देना उचित नहीं होगा।