

कोलकाता : राज्य विधानसभा की सबसे महत्वपूर्ण पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) के गठन को लेकर तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के बीच शक्ति संतुलन एक बार फिर सामने आ गया है।
20 सदस्यीय इस समिति के लिए ऋतब्रत बनर्जी खेमे की ओर से छह सदस्यों के नाम प्रस्तावित किए गए हैं, जबकि कालीघाट (ममता समर्थक) गुट की ओर से केवल वरिष्ठ विधायक अशोक देव का नाम भेजा गया है।
सूत्रों के अनुसार, ऋतब्रत खेमे की ओर से जिन नेताओं के नाम प्रस्तावित किए गए हैं, उनमें बिप्लब मित्र, फिरहाद हकीम, गोलाम रब्बानी, कनैयालाल अग्रवाल, समर मुखर्जी तथा खेमे द्वारा नामित एक अन्य सदस्य शामिल हैं।
विधानसभा की परंपरा के अनुसार, इन्हीं छह सदस्यों में से पब्लिक अकाउंट्स कमेटी के अध्यक्ष का चयन किया जाएगा। ऐसे में राजनीतिक हलकों का मानना है कि पीएसी अध्यक्ष का पद ऋतब्रत खेमे के खाते में जाने की संभावना काफी प्रबल है।
पब्लिक अकाउंट्स कमेटी विधानसभा की सबसे महत्वपूर्ण समितियों में से एक मानी जाती है। यह समिति विभिन्न सरकारी विभागों के खर्च, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट तथा सरकारी धन के उपयोग की समीक्षा कर वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करती है।
इसलिए इसके अध्यक्ष पद को राजनीतिक और प्रशासनिक, दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।