

कोलकाता : आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रशिक्षु डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या मामले में जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है। मामले में पूर्व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक और एक पार्षद के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मामले से जुड़े तथ्यों को प्रभावित करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने तथा जांच में बाधा डालने की साजिश रची गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, नई एफआईआर में कई अन्य लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं। शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपितों की कथित भूमिका क्या थी और क्या किसी स्तर पर सबूतों को प्रभावित करने या जांच की दिशा बदलने का प्रयास किया गया था।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया था। इस मामले को लेकर डॉक्टरों, छात्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किए थे और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी।
नई एफआईआर दर्ज होने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग दोहराई है, जबकि संबंधित नेताओं की ओर से आरोपों को लेकर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी आरोपों की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।