

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के हालिया बयान पर तीखा पलटवार किया है। शनिवार को दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि यदि अभिषेक बनर्जी वास्तव में अपने दावे को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें पहले खुद इस्तीफा देकर उदाहरण पेश करना चाहिए।
ऋतब्रत ने कहा, "पहले अभिषेक खुद इस्तीफा देकर दिखाएं।" उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक के बयानों में लगातार विरोधाभास दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, एक दिन अभिषेक ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को "लुटेरे" बताया, जबकि अगले ही दिन उन्हीं नेताओं के तृणमूल में लौटने की बात करने लगे। उन्होंने कहा कि एक ही मुद्दे पर लगातार दो दिनों में अलग-अलग बयान देना उनकी राजनीतिक अस्थिरता को दर्शाता है।
विपक्ष के नेता ने आगे कहा कि यदि अभिषेक बनर्जी लोकसभा चुनाव 2024 में पार्टी की सफलता का श्रेय स्वयं लेते हैं, तो उन्हें 2026 के विधानसभा चुनाव में मिली हार की जिम्मेदारी भी स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि नैतिक आधार पर अभिषेक को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा में दल के नेता के पद से इस्तीफा देना चाहिए।
ऋतब्रत ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने एनसीपीआई से जुड़े सवालों पर टिप्पणी करने से परहेज किया और कहा कि दोनों दलों को जोड़कर देखने की कोशिश गलत है।
ऋतब्रत के इस बयान के बाद तृणमूल के भीतर जारी राजनीतिक टकराव और नेतृत्व को लेकर चल रही बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।