रू. 1500 प्रति टन तक वसूली! कोयला सिंडिकेट पर ईडी का शिकंजा

ED.
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कोलकाता/दुर्गापुर-असनसोल : पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर–असनसोल क्षेत्र में अवैध कोयला खनन और तस्करी से जुड़े एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा कदम उठाया है। ED के कोलकाता ज़ोनल ऑफिस ने 9 अप्रैल 2026 को PMLA की विशेष अदालत में पांच आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दाखिल की है।

इस मामले में चिन्मय मंडल, किरण खान समेत अन्य लोगों पर अवैध कोयला खनन, चोरी, फर्जी दस्तावेज़ों का इस्तेमाल, अवैध परिवहन और उगाही (extortion) जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

🔍 54 FIR के आधार पर शुरू हुई जांच

ED ने यह जांच विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज 54 FIR के आधार पर शुरू की थी। ये शिकायतें मुख्य रूप से Eastern Coalfields Limited (ECL), CISF और स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज कराई गई थीं।

🧨 संगठित कोयला सिंडिकेट का खुलासा

जांच में सामने आया कि आरोपी एक संगठित कोयला सिंडिकेट चला रहे थे, जो:

  • झारखंड से अवैध कोयला लाकर पश्चिम बंगाल में बेचता था

  • फर्जी दस्तावेजों के जरिए ट्रांसपोर्ट करता था

  • और कोयला कारोबार से जुड़े लोगों से जबरन वसूली करता था

इस वसूली को “GT”, “गुंडा टैक्स” या “रंगदारी टैक्स” कहा जाता था।

💰 650 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई

ED के मुताबिक:

  • उगाही की दर ₹275 से ₹1500 प्रति टन तक थी

  • यह कोयले की असली कीमत का लगभग 20–25% हिस्सा था

  • पिछले 5 साल में सिर्फ उगाही से ही 650 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई हुई

इससे ECL को भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ क्योंकि कई बार कोयला उठाया ही नहीं जा सका।

💸 17.57 करोड़ की नकदी और संपत्ति जब्त

जांच के दौरान ED ने कई जगह छापेमारी की:

  • महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और WhatsApp चैट बरामद

  • बैंक खातों और लेन-देन के रिकॉर्ड मिले

  • करीब 17.57 करोड़ रुपये की नकदी, बैंक बैलेंस और कीमती सामान जब्त

  • साथ ही बड़ी मात्रा में कोयला और कोक भी बरामद किया गया

🏦 मनी लॉन्ड्रिंग का भी खुलासा

जांच में यह भी सामने आया कि:

  • आरोपियों ने कई फर्जी कंपनियों और फर्मों का इस्तेमाल किया

  • अवैध पैसे को “साफ” दिखाने के लिए layering और routing की गई

  • बैंक खातों में भारी नकद जमा और संदिग्ध ट्रांजैक्शन पाए गए

⚠️ रिश्वतखोरी के भी आरोप

ED ने दावा किया है कि:

  • इस सिंडिकेट ने पश्चिम बंगाल सरकार के कुछ अधिकारियों

  • और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं को रिश्वत दी
    ताकि यह पूरा अवैध कारोबार बिना रुकावट चलता रहे।

👮 पहले ही हो चुकी है गिरफ्तारी

ED ने 9 फरवरी 2026 को ही मुख्य आरोपी चिन्मय मंडल और किरण खान को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार कर लिया था।

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