रेलवे वर्दी में असली नायक: कैसे पूर्व रेलवे की राहत एवं बचाव टीम ने जीता बंगाल का दिल

पूर्व रेलवे की ओर से प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजिनियर श्री परमानंद शर्मा
पूर्व रेलवे की ओर से प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजिनियर श्री परमानंद शर्मा
Published on

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : तारातला में हुई दुखद घटना के दौरान जब समय के साथ संघर्ष चल रहा था और पूरा शहर चिंतित था, तब पूर्व रेलवे की समर्पित राहत एवं बचाव टीम—जिसमें हावड़ा, सियालदह तथा लिलुआ रेलवे कारखाना के प्रशिक्षित कर्मचारी शामिल थे—बिना विलंब घटनास्थल पर पहुंच गई। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), भारतीय सेना, कोलकाता पुलिस तथा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दिन-रात अथक परिश्रम करते हुए इन रेलवे कर्मियों ने अदम्य साहस, अनुशासन और उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता का परिचय दिया। उन्होंने मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने तथा सामान्य स्थिति बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनकी निःस्वार्थ सेवा और मानवीय समर्पण को व्यापक सराहना मिली। कोलकाता पुलिस आयुक्तालय द्वारा आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में पश्चिम बंगाल के माननीय मुख्यमंत्री ने स्वयं विभिन्न आपदा प्रबंधन एजेंसियों को उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया। पूर्व रेलवे की ओर से प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजिनियर श्री परमानंद शर्मा ने यह प्रतिष्ठित सम्मान ग्रहण किया, जबकि पूर्व रेलवे के 90 समर्पित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी त्वरित कार्रवाई, तकनीकी उत्कृष्टता तथा जीवन बचाने के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए व्यक्तिगत रूप से सम्मानित किया गया।

इस विशेष सम्मान ने पूरे रेलवे परिवार को गौरवान्वित किया है। इससे पूर्व रेलवे की उच्च तकनीकी क्षमता, आपदा प्रबंधन में दक्षता तथा राष्ट्रीय आपात स्थितियों के प्रति उसकी सतत तत्परता एक बार फिर उजागर हुई है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर ने नागरिक प्रशासन के साथ टीम के उत्कृष्ट समन्वय तथा राहत एवं बचाव अभियान में प्रदर्शित उनके साहस और समर्पण की मुक्त कंठ से सराहना की।

इस उपलब्धि पर अपने विचार व्यक्त करते हुए पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा, "यह सम्मान हमारी राहत एवं बचाव टीम के प्रत्येक सदस्य का है, जिन्होंने लोगों की सबसे कठिन घड़ी में बिना विश्राम किए मानव सेवा का परिचय दिया। यह सम्मान राष्ट्र के प्रति पूर्व रेलवे की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है और यह दर्शाता है कि जब भी कर्तव्य पुकारता है, हमारी टीमें सर्वोच्च व्यावसायिक दक्षता, समर्पण और तत्परता के साथ सेवा देने के लिए सदैव तैयार रहती हैं।"

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in