

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : भारतीय संस्कृति मंच द्वारा बी.एफ. पार्क रामलीला मैदान, साल्ट लेक में आयोजित सात दिवसीय ‘रामलीला मंचन 2026’ का रविवार को अत्यंत भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में समापन हुआ। अंतिम दिन राम-रावण युद्ध, मेघनाद एवं कुंभकर्ण वध, रावण वध, प्रभु श्रीराम की अयोध्या वापसी, भरत मिलाप और श्रीराम के भव्य राज्याभिषेक के सजीव मंचन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। पूरा रामलीला मैदान ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूँज उठा।
समापन अवसर पर पश्चिम बंगाल सरकार के कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष, लॉकेट चटर्जी व अन्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। श्री घोष वर्तमान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व संभाल रहे हैं। उनके साथ Comfort Lady के संस्थापक श्री मनोज गुप्ता, Win Pens के श्री मनीष जालान सहित अनेक उद्योगपति, समाजसेवी एवं गणमान्य अतिथियों ने उपस्थित होकर आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
इस अवसर पर भारतीय संस्कृति मंच की ओर से लगभग 1500 श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई। सात दिनों तक चली इस भव्य रामगाथा का विधिवत हवन एवं पूर्णाहुति के साथ समापन किया गया और सभी ने समाज, परिवार एवं आने वाली पीढ़ियों की सुख-समृद्धि तथा कल्याण की कामना की।
श्री मानवेंद्र कुमार त्रिपाठी जी के नेतृत्व में 50 से अधिक कलाकारों द्वारा सात दिनों तक श्रीराम जन्म से श्रीराम राज्याभिषेक तक की सम्पूर्ण रामगाथा का जीवंत मंचन किया गया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुति को दर्शकों का अपार प्रेम मिला।
भारतीय संस्कृति मंच के अध्यक्ष श्री नवल जालान, उपाध्यक्ष श्री रमेश अग्रवाल, सचिव अधिवक्ता श्री अभिषेक डोकानिया, संयुक्त सचिव श्री पंकज भालोटिया एवं कोषाध्यक्ष सीए श्री रूपक केडिया ने आयोजन को सफल बनाने वाले सभी संस्थापक ट्रस्टियों, कार्यकर्ताओं, विभिन्न समितियों के सदस्यों, कलाकारों, सहयोगियों, अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। विशेष रूप से मुकेश गोयल, अतुल कुमार सुल्तानिया, सुमित सुल्तानिया, सुभाष अग्रवाल, मनोज भालोटिया, शुभम जायसवाल, डॉ. एमंत झुनझुनवाला, प्रवीण अग्रवाल, अमिताभ शरद, अभिषेक मुनका, अभिषेक सरावगी, मनोज रूंगटा, राम निरंजन शर्मा, विवेक प्रहलादका, विजय सोनी, गोपाल भौतिका, उल्पी गुप्ता, संजय झुनझुनवाला, हर्ष भालोटिया, हर्ष आदित्य डोकानिया, अजय टिबरेवाल, प्रवीण कुमार चांद, जय अग्रवाल, कमल अग्रवाल एवं गोविंद शुक्ला सहित सभी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम की सराहना की गई।
‘सेवा, संस्कार व समर्पण’ ही हमारा प्राण
भारतीय संस्कृति मंच ने इस अवसर पर संकल्प दोहराया कि रामलीला का समापन एक कार्यक्रम का अंत है, लेकिन संस्कृति और समाज के प्रति मंच की यात्रा निरंतर जारी रहेगी। मंच भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जोड़ने और भारतीय संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए कटिबद्ध रहेगा।
मंच ने अपने मूल मंत्र “सेवा • संस्कार • समर्पण” को दोहराते हुए कहा—सेवा, अपने समय और सामर्थ्य से समाज की सेवा करना तथा सकारात्मक विचारों को जागृत रखना; संस्कार, हमारी नई पीढ़ी में धीरे-धीरे खोते जा रहे भारतीय संस्कारों को जीवित और मजबूत रखना; और समर्पण, तन, मन, समय एवं अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार समाज और संस्कृति के लिए जो संभव हो, उसे समर्पित करना।
यही भारतीय संस्कृति मंच का संकल्प है, यही उसका उद्देश्य है और यही उसका प्राण है।