राहुल सिन्हा
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राज्यसभा नामांकन में उलझे Rahul Sinha, आखिरी दिन तकनीकी चूक से बढ़ी बेचैनी

स्थिति को संभालने के लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari को भी पहुंचना पड़ा।
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कोलकाता : लंबे इंतजार के बाद भारतीय जनता पार्टी से राज्यसभा का टिकट मिलने की खुशी उस वक्त फीकी पड़ गई, जब उम्मीदवार राहुल सिन्हा नामांकन दाखिल करते समय तकनीकी उलझनों में फंस गए। गुरुवार नामांकन का आखिरी दिन था, लेकिन प्रक्रिया के दौरान हुई कुछ छोटी-सी चूकों ने पूरे घटनाक्रम को तनावपूर्ण बना दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सबसे बड़ी अड़चन एफिडेविट में सामने आई। जहां “Not Applicable” स्पष्ट रूप से लिखा जाना चाहिए था, वहां “N/A” संक्षेप में दर्ज कर दिया गया। इसके अलावा, निर्वाचन नियमों के मुताबिक एफिडेविट के कुछ हिस्से हाथ से भरे जाने आवश्यक थे, लेकिन वे प्रिंटेड पाए गए। नतीजा यह हुआ कि दोपहर 12 बजे तक पूरी हो जाने वाली प्रक्रिया करेक्शन के कारण लंबी खिंच गई। बताया जा रहा है कि चार अलग-अलग सेट तैयार किए गए, लेकिन सभी में एक जैसी तकनीकी त्रुटि होने से देरी और बढ़ी। स्थिति को संभालने के लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari को भी पहुंचना पड़ा। एक समय उन्होंने नाराजगी जताते हुए पूर्व उदाहरण के तौर पर Shamik Bhattacharya के नामांकन दस्तावेज मंगवाकर जांचने की बात कही। पिछली बार भट्टाचार्य का नामांकन बिना किसी अड़चन के स्वीकार हुआ था। हाल ही में भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने छह राज्यों की नौ सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की थी, जिनमें पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा का नाम शामिल है। मौजूदा विधानसभा समीकरण के अनुसार पांच में से चार सीटें तृणमूल कांग्रेस और एक भाजपा के खाते में जाना तय माना जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि तकनीकी अड़चनों के बावजूद राहुल सिन्हा का राज्यसभा पहुंचना लगभग तय है, हालांकि आखिरी दिन की यह हलचल राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।

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