

कोलकाता : दुर्गापूजा नजदीक आते ही उत्तर कोलकाता की कुम्हारटोली में मूर्तिकारों की चिंता बढ़ गई है। रुक-रुककर हो रही तेज बारिश के कारण तैयार और अंतिम चरण में पहुंच चुकी दुर्गा प्रतिमाओं को सुरक्षित रखना मुश्किल हो रहा है।
पिछले दिनों लगातार बारिश के कारण कई मूर्तियों को अस्थायी शेड से हटाकर अंदर रखना पड़ा था। अब मौसम साफ होने पर कारीगर तेजी से अधूरे काम पूरे करने में जुटे हैं।
बारिश ने बढ़ाई समय पर डिलीवरी की चिंता
कुम्हारटोली में बड़ी संख्या में मूर्तियां तैयार की जा रही हैं और पूजा समितियां जल्द ही प्रतिमाओं को पंडालों में ले जाना शुरू करेंगी। ऐसे में बारिश का एक और दौर मूर्तिकारों की परेशानी बढ़ा सकता है। मिट्टी की प्रतिमाओं में नमी आने से रंग-रोगन और सजावट का काम प्रभावित होता है। कारीगरों ने प्रतिमाओं को प्लास्टिक और सुरक्षित कवर से ढकने की व्यवस्था की है।
सूखे मौसम का उठाया जा रहा फायदा
पिछले कुछ दिनों से मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने के कारण कारीगरों ने काम की रफ्तार बढ़ा दी है। कुम्हारटोली के मूर्तिकार सहकारी संगठन के सचिव कार्तिक पाल ने बताया कि बारिश के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए कारीगर सुबह से देर रात तक काम कर रहे हैं।
कलाकार समय पर ऑर्डर पूरा करने में जुटे हैं। बारिश के दौरान प्रतिमाओं को सुखाने के लिए पेडेस्टल फैन और ब्लो टॉर्च तक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सीमित जगह भी बड़ी समस्या
कुम्हारटोली की संकरी गलियों और छोटे स्टूडियो में तैयार प्रतिमाओं को रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। यही वजह है कि कई कारीगरों को प्रतिमाएं गलियों और अस्थायी स्थानों पर रखनी पड़ती हैं, जहां बारिश से नुकसान का खतरा बना रहता है।
मौसम की अनिश्चितता के बीच कारीगर अब जल्द से जल्द प्रतिमाओं को अंतिम रूप देकर सुरक्षित स्थानों पर भेजने की कोशिश कर रहे हैं।