

कोलकाता : दुर्गा पूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया में क्रेन के इस्तेमाल का विकल्प तलाशा जा रहा है। कोलकाता नगर निगम बड़े विसर्जन घाटों पर एयरपोर्ट की तर्ज पर कन्वेयर बेल्ट लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। इसके जरिए प्रतिमाओं को पानी तक पहुंचाने और विसर्जन के बाद वापस किनारे लाने की व्यवस्था की जा सकती है।
क्रेन के विकल्प के तौर पर नई व्यवस्था
राज्य सरकार की ओर से क्रेन के जरिए प्रतिमा विसर्जन की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार, कन्वेयर बेल्ट पर प्रतिमा रखकर उसे धीरे-धीरे नदी में उतारा जाएगा।
बेल्ट के लगातार घूमने के कारण प्रतिमा को वापस घाट की ओर लाने की व्यवस्था भी इसी प्रणाली से हो सकती है। इसके अलावा ट्रॉली सिस्टम के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है।
बाजे कदमतला घाट पर परीक्षण
जानकारी के अनुसार बाजे कदमतला घाट पर ट्रॉली लगाकर इसकी व्यवहारिकता जांचने की प्रक्रिया शुरू की गई है। शहरी विकास विभाग के सचिव ने KMC आयुक्त, अन्य नगर निकायों के प्रमुखों और जिलाधिकारियों को कन्वेयर बेल्ट के इस्तेमाल को लेकर पत्र भी भेजा है। विभाग की योजना इस तरह की व्यवस्था को राज्यभर में लागू करने की है।
सभी घाटों पर लागू करना चुनौती
कोलकाता में हुगली नदी के किनारे 15 से अधिक घाटों पर प्रतिमा विसर्जन होता है। हालांकि सभी घाट कन्वेयर बेल्ट या ट्रॉली लगाने के लिहाज से पर्याप्त बड़े नहीं हैं। अधिकारियों के अनुसार, बजा कदमतला और निमतला घाट जैसे बड़े घाटों पर यह व्यवस्था संभव हो सकती है, जबकि छोटे घाटों और जलाशयों में इसे लागू करना अभी स्पष्ट नहीं है।