कैदी कर रहे हैं परमार्थ का कार्य

आउट्राम घाट पर गंगासागर तीर्थ यात्रियों की सेवा में जुटे हैं कैदी
सोमवार को अवधूत देवीदास सेवा संस्थान के शिविर में कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा
सोमवार को अवधूत देवीदास सेवा संस्थान के शिविर में कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा
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कोलकाता : गंगासागर मेले के दौरान एक अनोखी पहल देखने को मिली, जहां कुछ कैदियों ने चारदीवारी से बाहर आकर तीर्थयात्रियों की सेवा की। मैदान में लगे गंगासागर कैंप में उन्होंने भोजन वितरण का कार्य किया। यह कैंप 'अवधूत देवीदास सेवा संस्थान' द्वारा संचालित है, जो गंगासागर आने वाले यात्रियों को हर तरह की सहायता प्रदान करता है। एडीजी (जेल) लक्ष्मीनारायण मीणा ने बताया कि वे इस संस्थान से जुड़े हैं। संस्थान की ओर से जेल विभाग से अनुरोध किया गया था कि इस बार कुछ कैदियों को गंगासागर तीर्थ यात्रियों की सेवा में लगाया जाए। इस अनुरोध पर जेल विभाग ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

यह कैदी कभी किसी अपराध के कारण जेल में हैं, लेकिन वे भी समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं। जेल विभाग उनकी इस इच्छा को पूरा करने में मदद कर रहा है। दमदम और प्रेसिडेंसी जेल के कैदियों को ही इस सेवा कार्य के लिए लाया गया।

एक अधिकारी ने बताया कि कुल 9 कैदियों को चुना गया, जिनमें से चार आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। इस अवसर पर मैदान के कैंप में कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि मैदान समेत पूरे कोलकाता में गंगासागर तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने हर संभव इंतजाम किया है। इधर, दोपहर से ही कैदी एप्रन पहनकर, हाथ में बर्तन और चम्मच लेकर संतों व तीर्थयात्रियों को भोजन परोसने में जुट गए। मुस्कुराते हुए वे खुशी-खुशी सेवा कर रहे थे। कैदियों ने बताया कि इससे उन्हें पुण्य मिल रहा है और वे बहुत आनंद महसूस कर रहे हैं। कई वर्षों बाद उन्होंने इतने सारे लोगों को एक साथ देखा और मेला में आने का मौका मिला। चारदीवारी में बंद रहकर एक ही दिनचर्या में जीवन बीतता है, लेकिन यहां सेवा करने से उन्हें अपार खुशी मिल रही है।


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