

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : समाजसेवा के क्षेत्र में समर्पित व्यक्तित्व रहे स्वर्गीय राजकुमार बोथरा की पावन स्मृति में प्रेम मिलन, कोलकाता की इकाई प्रेम मिलन नर्सिंग होम द्वारा शनिवार, 21 फरवरी को एक प्रेरणादायी रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन सेवा, संवेदना और समर्पण की उस विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास था, जिसे बोथरा जी ने अपने जीवनकाल में स्थापित किया था।
स्व. राजकुमार बोथरा लगभग नौ वर्षों तक प्रेम मिलन से सक्रिय रूप से जुड़े रहे और संस्था के हर सेवा कार्य में अग्रणी भूमिका निभाते थे। उनकी स्मृति को नमन करते हुए यह रक्तदान शिविर संस्था के चेयरमैन चंद्रकांत सराफ की पहल पर आयोजित किया गया। सामाजिक कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने वाले चंद्रकांत सराफ को आज सेवा का पर्याय माना जाता है। उनके नेतृत्व में प्रेम मिलन निरंतर जरूरतमंदों के लिए कार्य कर रहा है।विधायक विवेक गुप्ता ने की सराहना
कार्यक्रम में विधायक विवेक गुप्ता भी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रेम मिलन के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा, “यदि सेवा करना सीखना है तो चंद्रकांत सराफ से सीखना चाहिए।” उनके इस वक्तव्य ने उपस्थित लोगों में उत्साह और प्रेरणा का संचार किया।शिविर में कुल 28 लोगों ने रक्तदान किया। सभी रक्तदाताओं को डोनेशन सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पार्षद विजय उपाध्याय, पार्षद विजय ओझा, पार्षद महेश शर्मा, सुरेंद्र अग्रवाल, महावीर रावत, मनोज पाराशर, जगमोहन बागला, राजेश बोथरा, प्रकाश किला, जयप्रकाश गुप्ता, सचिन शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान सुरेंद्र अग्रवाल ने सुझाव दिया कि “प्रेम मिलन नर्सिंग होम” का नाम बदलकर “प्रेम मिलन सेवा केंद्र” किया जा सकता है, ताकि इसे सरकारी स्तर पर हॉस्पिटल लाइसेंस प्राप्त करने में सुविधा हो। उन्होंने बताया कि उन्हें 1980 से स्व. बोथरा जी के साथ कार्य करने का अवसर मिला था, जब वे काशी विश्वनाथ सेवा समिति से जुड़े थे।पार्षद विजय उपाध्याय ने बोथरा जी की सादगी और अहंकारहीन व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि वे काशी विश्वनाथ सेवा समिति से अलग होने के बाद अपना पूरा समय प्रेम मिलन को समर्पित कर चुके थे। आज उनके सुपुत्र राजेश बोथरा भी सेवा कार्यों में सक्रिय हैं।
मौके पर उपस्थित राजेश बोथरा ने भावुक शब्दों में कहा कि पिताजी जब भी कोलकाता में होते थे, प्रत्येक रविवार प्रेम मिलन शिविर में अवश्य उपस्थित रहते थे। वे सदैव संस्था के कुशल नेतृत्व, सेवा-भावना एवं समर्पण की मुक्त कंठ से प्रशंसा किया करते थे। समाज सेवा के प्रति संस्था का दृष्टिकोण और कार्यशैली उन्हें अत्यंत प्रेरित करती थी। वे अक्सर प्रेम मिलन और उसके नेतृत्व का उदाहरण देकर अन्य लोगों को भी सेवा कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया करते थे। मनोज पाराशर ने कहा कि यह रक्तदान शिविर भले ही आकार में छोटा लगे, लेकिन स्व. बोथरा जी की स्मृति में आयोजित होने के कारण यह अत्यंत महत्वपूर्ण और भावनात्मक रूप से बड़ा कार्यक्रम है।
महावीर रावत ने भावुक होकर कहा कि बोथरा जी के कार्य इतने अविस्मरणीय हैं कि उनकी तस्वीर देखकर आज भी ऐसा लगता है मानो वे हमारे बीच उपस्थित हों।रक्तदान शिविर को सफल बनाने में विशाल सराफ, विकास सराफ, महेंद्र टिबरेवाल, रेनू सिंह, संजय अग्रवाल, मनोज जायसवाल, नीतीश चौधरी, निधीश अग्रवाल, आकाश सिंह, प्रोसेनजीत सिंह, कल्याण घोष, समरेश दा, सौगत बक्शी सहित प्रेम मिलन के अनेक कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि प्रेम मिलन केवल एक संस्था नहीं, बल्कि सेवा और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त केंद्र है, जो समाज के जरूरतमंदों के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रहा है।