

राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बारुईपुर में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल प्रभास मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद उसकी मां संध्या मंडल ने कहा कि उसके बेटे को अपने किए की सजा मिल गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह न तो अपने बेटे का चेहरा देखना चाहती हैं और न ही उसका शव लेने जाएंगी। संध्या ने बताया कि बुधवार को तड़के पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें बेटे की मौत की सूचना दी। उन्होंने कहा, "पुलिस ने मुझसे पूछा कि क्या आपका बेटा प्रभास मंडल है? मैंने 'हां' कहा। इसके बाद उन्होंने बताया कि आपका बेटा मर गया है, फिर पूछा कि क्या आप उसे देखना चाहती हैं?" उन्होंने आगे कहा, "मैं उसका शव लेने नहीं जाऊंगी। मैं उसका चेहरा भी नहीं देखना चाहती। मेरे परिवार का कोई सदस्य भी उसका शव लेने नहीं जाएगा। उसने जो किया, उसकी सजा उसे मिल गयी।" संध्या ने बताया कि बेटे का नाम इस जघन्य अपराध में सामने आने के बाद से पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान था। उनके अनुसार, "वह मेरी बात नहीं मानता था और नशे का आदी था।" वहीं दूसरी ओर, मृतक की पत्नी चंपा ने कहा कि उसका पति कोई काम नहीं करता था और दिनभर नशे में रहता था। शादी के बाद से ही प्रभास के कारनामे कुछ अच्छे नहीं थे। लोकलाज के कारण वह चुप रहती थी। नाबालिग दुष्कर्म मामले में पति का नाम सामने आने पर मुझे पुरा यकीन था कि इसमें मेरा पति शामिल है। पति की मौत पर उन्होंने कोई खेद प्रकट नहीं किया। स्थानीय लोगों और पड़ोसियों के अनुसार, प्रभास कोई काम नहीं करता था। परिवार की आजीविका उसकी पत्नी परिचारिका का काम कर चलाती थी। प्रभास का एक 15 वर्षीय पुत्र भी है।