

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट) के नेता कुणाल घोष ने विधानसभा के प्रेस कॉर्नर में पूर्ववर्ती सरकार के समय शुरू की गई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को तत्काल बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के बंद रहने से बड़ी संख्या में लाभार्थी आर्थिक सहायता से वंचित हैं और कई स्थानों पर लोग विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
नाम बदलने की राजनीति पर उठाए सवाल
कुणाल ने कहा कि यदि किसी योजना में भ्रष्टाचार या अनियमितता हुई है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन पूरी योजना को बंद करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नई सरकार नई योजनाएं शुरू करने के बजाय पुरानी योजनाओं के नाम बदलने की राजनीति कर रही है। उन्होंने स्वास्थ्य साथी योजना के रहते नई स्वास्थ्य बीमा योजना और लक्ष्मी भंडार के बावजूद अन्नपूर्णा भंडार शुरू करने के औचित्य पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने दावा किया कि सरकार योजनाओं के नाम बदल सकती है, लेकिन बंगाल की जनता के मन से ममता बनर्जी की पहचान नहीं मिटा सकती। वहीं, विपक्ष पर निशाना साधते हुए कुणाल ने आरोप लगाया कि विधानसभा में जनहित के मुद्दे उठाने के बजाय विपक्ष समितियों और राजनीतिक समीकरणों में अधिक रुचि ले रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक गरमाने की संभावना है।