

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : चोरबागान की घटना से सबक लेते हुए कोलकाता पुलिस और प्रशासन ने आगामी कालीपूजा को लेकर सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। पूजा के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना और संभावित हादसों को रोकने के उद्देश्य से शहर के विभिन्न इलाकों में कालीपूजा पंडालों का संयुक्त निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को अम्हर्स्ट स्ट्रीट थाने की पुलिस ने कोलकाता नगर निगम (केएमसी), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) तथा दमकल एवं आपातकालीन सेवा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर थाना क्षेत्र के विभिन्न पूजा पंडालों का निरीक्षण किया।
प्रमुख पूजा पंडालों में सुरक्षा इंतजामों की जांच
संयुक्त निरीक्षण दल ने फटाकेस्टो, कॉलेज स्क्वायर सहित आसपास के प्रमुख पूजा आयोजनों का दौरा किया। इस दौरान पंडालों की संरचनात्मक मजबूती, भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था, आपातकालीन निकास द्वार, आवाजाही के रास्तों तथा अग्नि सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के पर्याप्त इंतजाम मौजूद रहे।
हाईकोर्ट के दिशानिर्देशों के पालन का निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पूजा समितियों और क्लब पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित सुरक्षा संबंधी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। पूजा आयोजकों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि पंडालों का निर्माण निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाए। इसके अलावा आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की सुरक्षित निकासी के लिए पर्याप्त खुले स्थान और रास्ते सुनिश्चित किए जाएं। अधिकारियों ने अग्निशमन संबंधी नियमों के पालन पर भी विशेष जोर दिया। पंडालों में पर्याप्त संख्या में अग्निशामक यंत्र रखने का निर्देश दिया गया।
चेतला थाना क्षेत्र में भी विशेष अभियान
अम्हर्स्ट स्ट्रीट थाना क्षेत्र के अलावा चेतला थाना क्षेत्र में भी पुलिस और प्रशासन की ओर से विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। वहां भी पूजा आयोजकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने, भीड़ नियंत्रण की समुचित व्यवस्था करने और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए सतर्क रहने की हिदायत दी गई। प्रशासन की इस सक्रियता से स्पष्ट है कि इस वर्ष कालीपूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस और संबंधित विभागों ने संकेत दिया है कि सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।