

कोलकाता : आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव कार्य में लगाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों के लिए स्व-घोषणा पत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है। इस घोषणा पत्र के माध्यम से संबंधित कर्मियों को अपनी सेवा एवं व्यक्तिगत स्थिति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रस्तुत करनी होंगी, ताकि निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके। जारी निर्देशों के अनुसार, कर्मचारियों को यह प्रमाणित करना होगा कि वे अपने गृह जिले में तैनात नहीं हैं। साथ ही, उन्होंने पिछले चार वर्षों में संबंधित जिले में तीन वर्ष की सेवा पूर्ण नहीं की है या 31 मई 2026 तक यह अवधि पूर्ण नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, यह भी स्पष्ट करना आवश्यक होगा कि वे पिछले विधानसभा चुनाव या उसके बाद हुए किसी उपचुनाव के दौरान उस जिले में पदस्थापित नहीं थे। कर्मचारियों को यह भी घोषित करना होगा कि वे 31 मई 2026 तक सेवानिवृत्त नहीं होने वाले हैं। घोषणा पत्र में यह उल्लेख करना भी जरूरी है कि चुनाव आयोग द्वारा उनके विरुद्ध पूर्व में कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई न तो लंबित है और न ही किसी प्रकार की सजा दी गई है। साथ ही, उन्होंने किसी भी चुनाव या चुनाव संबंधी कार्य में कोई त्रुटि नहीं की है। कर्मचारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके खिलाफ किसी न्यायालय में कोई आपराधिक मामला या विभागीय कार्यवाही लंबित नहीं है। अंत में, उन्हें यह भी घोषित करना होगा कि वे किसी भी राजनीतिक दल के सक्रिय कार्यकर्ता नहीं हैं। प्रशासन का मानना है कि इस प्रक्रिया से चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों की निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में सहायता मिलेगी।