

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : दुर्गापूजा से पहले कोलकाता पुलिस ने पूजा समितियों को लेकर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था तेज कर दी है। पुलिस अब इलाकावार पूजा समितियों से इस वर्ष के थीम, समिति के पदाधिकारियों के बीच गुटबाजी और संभावित विवादों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कवायद प्रशासन के शीर्ष स्तर से मिले निर्देश के आधार पर की जा रही है। कोलकाता पुलिस के पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी डीसी और ट्रैफिक पुलिस के डीसी को थाना प्रभारियों के साथ समन्वय कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट में यह बताना होगा कि किसी पूजा पंडाल में संवेदनशील थीम तो नहीं रखा जा रहा है। ऐसे थीम के कारण यदि किसी पंडाल में अधिक भीड़ जुटने की आशंका है, तो उसके लिए विशेष सुरक्षा और ट्रैफिक योजना भी तैयार करनी होगी। इसके साथ ही पूजा समितियों के पदाधिकारियों के बीच किसी तरह का आंतरिक विवाद या गुटबाजी है या नहीं, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
यदि किसी समिति में विवाद पाया जाता है, तो पुलिस दोनों पक्षों से बातचीत कर यह आकलन करेगी कि पूजा के दौरान विवाद सार्वजनिक होने पर कानून-व्यवस्था पर कितना असर पड़ सकता है। रिपोर्ट में संभावित विवाद के समाधान का रास्ता भी सुझाने को कहा गया है। पुलिस को पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष कितनी पूजा समितियां कम हो सकती हैं और कितनी नई समितियां जुड़ सकती हैं, इसकी जानकारी भी जुटाने का निर्देश दिया गया है। दुर्गापूजा के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए पंडालों के आसपास क्राउड मैनेजमेंट, आम राहगिरों की आवाजाही और वाहनों के सुचारु संचालन की योजना भी रिपोर्ट में शामिल करनी होगी। संभावित भीड़ वाले स्थानों, प्रवेश और निकास मार्ग, बैरिकेडिंग तथा मुख्य सड़कों से पंडाल तक पहुंचने के रास्तों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। पूजा आयोजकों के अनुसार, पुलिस ने अगस्त की शुरुआत से ही विभिन्न पूजा समितियों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी थी। वहीं, पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल पुलिस आयुक्त ने रिपोर्ट मांगी है और आने वाले दिनों में दुर्गापूजा को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।