बारुईपुर मामले में पुलिस ने बढ़ाया पुलिस मंत्री का मान : सीएम

यूपी मॉडल के तर्ज पर राज्य में बढ़ायी जाएगी पुलिस कर्मियों की संख्या
पुलिस कर्मी को मॉनसून किट सौंपते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
पुलिस कर्मी को मॉनसून किट सौंपते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
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भ्रष्टाचार, अवैध टोल रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी, पुलिस के राशन भत्ता में 500 रुपये की वृद्धि

दीपक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : बारुईपुर दुष्कर्म एवं हत्या मामले को कुछ ही दिनों में सुलझाने और चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने एवं एक अभियुक्त के एनकाउंटर पर राज्य पुलिस की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि पुलिस बल ने ‘पुलिस मंत्री का मान बढ़ाया है।’ कोलकाता स्थित भवानी भवन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘पुलिस ने पुलिस मंत्री का मान बढ़ाया है। मैं आप सभी का आभारी हूँ। हम एक और अभया कांड नहीं चाहते। बारुईपुर की घटना अत्यंत दर्दनाक और दुखद थी, लेकिन सरकार खामोश नहीं बैठी। जिस तरह राज्य पुलिस ने इस मामले में शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) दिखाई, उसके लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और उनकी पूरी टीम बधाई की पात्र है।’ कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों को भगवा रंग के रेनकोट और छाते वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा, ‘जब बात हमारी माताओं, बहनों और बेटियों पर अत्याचार की आती है... कानून के दायरे में रहते हुए जो भी करना पड़े, कीजिए। मैं आपके साथ हूँ।’

अब जनता सीधे दर्ज करा सकेगी शिकायत

मुख्यमंत्री ने नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नवान्न में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित करने की घोषणा की। इसके लिए चार टोल-फ्री नंबर 1800 345 0166, 1800 345 0167, 1800 345 0168 और 1800 345 0169 जारी किए गए हैं, जिन पर सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक सीधे शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। इसके अलावा, भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किए गए हैं। 'कट-मनी' से जुड़ी शिकायतें 155334, सिंडिकेट से जुड़े भ्रष्टाचार की शिकायतें 1553335, अवैध टोल वसूली की शिकायतें 1553337 तथा अवैध शराब के कारोबार की शिकायतें 1553339 पर दर्ज कराई जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 'कट-मनी', रेत-पत्थर-सीमेंट सिंडिकेट, अवैध टोल वसूली और अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाना है। अब आम लोग भी इन मामलों की शिकायत सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे।

एक लाख पुलिसकर्मियों की होगी भर्ती

राज्य पुलिस बल को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने अगले कुछ वर्षों में चरणबद्ध तरीके से एक लाख नए पुलिसकर्मियों की भर्ती का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि फिलहाल राज्य में प्रति एक लाख आबादी पर केवल 106 पुलिसकर्मी हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 155 और उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा 200 है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल की संख्या बढ़ाकर इसे राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप बनाने की दिशा में काम करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि कानूनी बाधाएं दूर होने के बाद लंबे समय से लंबित 47,000 रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही दुर्गा पूजा से पहले 14,000 प्रशिक्षित कांस्टेबलों को नियुक्ति देने के आदेश भी जारी किए जा रहे हैं।

पुलिसकर्मियों को मिलेगा बेहतर वेतन और भत्ता

पुलिसकर्मियों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें रिपोर्ट मिलते ही लागू की जाएंगी। अंतरिम राहत के रूप में अक्टूबर से पुलिसकर्मियों को 20 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता दिया जाएगा, जबकि मासिक राशन भत्ता 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है।

NIA के तर्ज पर बनेगी SIA

मुख्यमंत्री ने राज्य में स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) गठित करने का भी ऐलान किया। उन्होंने बताया कि यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई हालिया बैठक के बाद लिया गया है। इसके अलावा लगभग 4,000 पुरानी और बिना बीमा वाली पुलिस गाड़ियों को नई गाड़ियों से बदला जाएगा तथा राज्य के 552 पुलिस थानों में से 250 से 300 थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा जाएगा।

पुलिस को राजनीतिक कार्यक्रमों से मिलेगी राहत

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब पुलिसकर्मियों की तैनाती राजनीतिक कार्यक्रमों में नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों के आवास, स्वास्थ्य और खेल सुविधाओं की देखरेख के लिए राजनीतिक रूप से निष्पक्ष कल्याण बोर्ड बनाने का भी वादा किया। उन्होंने कहा, ‘अब आपको राजनीतिक रैलियों में भीड़ बढ़ाने के लिए अपनी पुलिस की वर्दी उतारकर टी-शर्ट पहनने की जरूरत नहीं पड़ेगी।’

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